
US Alert on Lebanon:मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में इस समय हालात एक ऐसे बारूद के ढेर पर टिके हैं, जहां सिर्फ एक चिंगारी पूरी दुनिया में तबाही ला सकती है। ईरान, इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते सीधे टकराव और हिजबुल्लाह-हमास के साथ जारी संघर्ष ने इस पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इसी गंभीर सुरक्षा संकट को देखते हुए यरूशलम स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक बेहद सख्त और आपातकालीन ट्रैवल एडवाइजरी (यात्रा चेतावनी) जारी की है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे मध्य पूर्व के देशों की यात्रा करने या वहां से गुजरने वाले हवाई रास्तों का इस्तेमाल करने के फैसले पर तुरंत दोबारा विचार करें।
अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मौजूदा सुरक्षा माहौल बेहद जटिल और संवेदनशील हो चुका है। यहां कभी भी अप्रत्याशित रूप से तनाव चरम पर पहुंच सकता है। स्थिति इतनी अस्थिर है कि हवाई यातायात किसी भी वक्त ठप हो सकता है। ऐसे में जो अमेरिकी नागरिक इस क्षेत्र में यात्रा कर रहे हैं या वहां से गुजरने वाले हैं, उन्हें अपनी एयरलाइंस कंपनियों के लगातार संपर्क में रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि उड़ानें बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द या डायवर्ट की जा सकती हैं।
दूतावास ने इजरायल और वेस्ट बैंक जाने वाले लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है। इसके साथ ही गाजा पट्टी, उत्तरी इजरायल (लेबनान सीमा के पास) और मिस्र की सीमा (ताबा क्रॉसिंग को छोड़कर) को 'नो-गो जोन' घोषित करते हुए वहां न जाने की हिदायत दी है।
यह तनाव सिर्फ अमेरिका या इजरायल तक सीमित नहीं है। भारत के लिए भी यह बेहद चिंता का विषय है क्योंकि मिडल ईस्ट में करीब 90 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। अगर वहां पूर्ण रूप से युद्ध भड़कता है, तो भारत सरकार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर 'निकासी अभियान' (Evacuation Operation) चलाना पड़ सकता है, जैसा पूर्व में कुवैत या लीबिया संकट के दौरान देखा गया था।
इसके अलावा, खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन बाधित होने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की महंगाई के रूप में देखने को मिल सकता है। फिलहाल, भारत समेत दुनिया के कई अन्य देशों के विदेश मंत्रालयों ने भी अपने नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक इन संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अनौपचारिक सलाह दी है।