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ईरान में सत्ता के खिलाफ तख्तापलट की चेतावनी, कट्टरपं​थियों का सर्वोच्च नेताओं पर साजिश रचने का आरोप

Iran Political Crisisईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम टूटने के बाद अब ईरान के सर्वोच्च नेता कट्टरपं​थियों के निशाने पर आ गए हैं। ईरानी कट्टरपंथियों ने सर्वोच्च नेताओं पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दे डाली है।
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ईरान में सत्ता के खिलाफ तख्तापलट की चेतावनी, photo- world update

Iran Political Crisisईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम टूटने के बाद अब ईरान के सर्वोच्च नेता कट्टरपं​थियों के निशाने पर आ गए हैं। ईरानी कट्टरपंथियों ने सर्वोच्च नेताओं पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दे डाली है। कट्टरपंथियों ने उन नेताओं की आलोचना तेज कर दी है जिन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स के साथ एग्रीमेंट पर साइन किए थे।

प्रमुख नेता निशाने पर

मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक तौर पर ज्यादा नहीं नजर आने के कारण, मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची युद्ध के बाद ईरान को आगे बढ़ाने वाले सबसे प्रमुख चेहरे बनकर उभरे हैं। नए सर्वोच्च नेता को सीधे चुनौती देने में असमर्थ, असंतुष्ट कट्टरपंथियों ने इन तीनों पर तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

शीर्ष नेतृत्व को दी चुनौती

ईरान के धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन को चेतावनी देते हुए कहा, "मिस्टर प्रेसिडेंट, अगर नेता की शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो यह हमारी तलवार और आपका गला होगा। हम आप को जहन्नुम ले आएंगे।

ईरान के टॉप डिप्लोमैट अब्बास अराघची, जिन्होंने ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के साथ सीजफायर पर बातचीत की और इस्लामिक रिपब्लिक पर कुछ बैन में ढील दिलाई, उन्हें अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से भागना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उन पर पत्थर फेंके और उनके खिलाफ नारे लगाए।

कट्टरपंथियों ने पूर्व में दिए संकेत

खामेनेई के अंतिम संस्कार से कुछ दिन पहले, मुखर कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियन ने राजनीतिक उथल-पुथल की चेतावनी देते हुए लिखा, ईरान के लोगों के लिए चेतावनी, क्या तख्तापलट होने वाला है??
कुछ दिनों बाद उन्होंने शहीद इमाम (खामेनेई) को विदाई देने के इन पलों में, हम उनके खून का बदला लेने का झंडा बुलंद करते हैं और तख्तापलट के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का दावा किया था।

कट्टरपंथी सांसद ने भी लगाया आरोप

जुलाई की शुरुआत में जारी एक वीडियो बयान में, कट्टरपंथी सांसद कामरान गजानफरी ने देश के नेतृत्व पर पारंपरिक संस्थानों से सत्ता छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया। दशकों के राजनीतिक अनुभव वाले पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर, गालिबाफ युद्ध के दौरान देश की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक बनकर उभरे। संकट प्रबंधन में उनकी केंद्रीय भूमिका के बावजूद अब उन्हे कट्टरपंथियों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियन जो समझौते के सबसे कड़े विरोधियों में से एक थे। कथित तख्तापलट की चेतावनी देने वालों में शामिल होने के बाद उन्हे संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग से हटा दिया गया। उनके साथ समझौते की आलोचना करने वाले एक अन्य सांसद को भी हटाया गया।