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पाकिस्तान के सिंध में नेशनल हाईवे ब्लॉक, प्रदर्शनकारियों ने जमकर की नारेबाजी, जानें मामला?

Pakistan News: पाकिस्तान के सिंध में अगवा बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर परिवारों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
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भारत

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Saurabh Mall

Jul 18, 2026

Pakistan Protest News

पाकिस्तान के सिंध में अगवा बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग (सोर्स: ANI)

Pakistan Protest News: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। सिंध प्रांत में लापता बच्चों का मुद्दा गरमा गया है। अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर परिवार अब सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुक्कुर के बाबरलो इलाके में नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इससे सिंध और पंजाब के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि लंबे इंतजार के बावजूद प्रशासन बच्चों को खोजने में सफल नहीं हुआ है। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

तीन हफ्ते इंतजार के बाद सड़क पर उतरे परिवार

‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन प्रिया कुमारी एक्शन कमेटी की अगुवाई में किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक प्रशासन का इंतजार करते रहे। लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

कमेटी की नेता सोहनी पारस ने कहा कि सरकार और पुलिस की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। जमीन पर कोई बड़ा परिणाम नहीं दिख रहा है। उनका कहना है कि यदि पुलिस कम से कम चार या पांच अगवा बच्चों को सुरक्षित वापस लाने में सफल होती है, तभी प्रदर्शन खत्म करने पर विचार किया जाएगा।

बता दें धरना स्थल पर 17 लापता बच्चों की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं। इन पर बच्चों के नाम, उम्र और उनके लापता होने की जानकारी भी लिखी गई है। प्रदर्शन में बच्चों के माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, लापता बच्चों में सबसे छोटी पीड़ित केवल तीन साल की बच्ची है। उसका कथित तौर पर मई 2025 में जमशोरो जिले के कोटरी इलाके से अपहरण हुआ था। इसके अलावा एक 16 वर्षीय लड़का नवंबर 2025 में लरकाना से और 16 वर्षीय लड़की फरवरी 2026 में खैरपुर से लापता हुई थी।

पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता ताज रिंद ने आरोप लगाया कि पुलिस आठ मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। यह आंदोलन एक नाबालिग बच्ची के नाम पर चलाया जा रहा है। नान है-प्रिया। प्रिया को अगस्त 2021 में सात साल की उम्र में सुक्कुर से अपहरण हुआ था। हालांकि, इस बार उसके माता-पिता धरने में शामिल नहीं हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन पर सरकारी दबाव बनाया गया।

अधिकारियों को दी गई समय सीमा खत्म होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया। सुक्कुर और खैरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक लापता बच्चों की सुरक्षित वापसी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।