
ढाका में अल्पसंख्यकों संगठनों का विरोध प्रदर्शन,Photo- ANI
Bangladesh Minority Rights: ढाका में नेशनल प्रेस क्लब के सामने शनिवार को बड़ा विरोध-प्रदर्शन हुआ। अल्पसंख्यक संगठनों ने एक हिंदू युवक की झूठे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में की गई गिरफ्तारी पर विरोध दर्ज कराया। संगठनों ने बांग्लादेशी अधिकारियों पर हिंदूओं को निशाना बनाकर परेशान करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई नहीं होने पर बड़ा आंदोलन शुरू करने का सरकार को अल्टीमेटम दिया है।
बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में अल्पसंख्यक समुदाय के बड़े नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होने कहा कि देश में धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। यह कार्रवाई तब हुई जब एक हिंदू हरिदास ने उत्तरी बांग्लादेश के गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में भगवान राम की 81 फुट ऊंची मूर्ति बनाने की पहल की थी।
अल्पसंख्यक नेताओं ने बांग्लादेश में पिछले दो वर्षों में देश भर में गैर-मुस्लिम समुदायों के खिलाफ हिंसा और कानूनी रूप से निशाना बनाए जाने की व्यवस्थित प्रकृति पर भी प्रकाश डाला। परिषद के महासचिव मनिंद्र कुमार नाथनाथ ने आगे कहा, आप जानते हैं, पिछले दो वर्षों की शुरुआत से ही बांग्लादेश में कई तरह की गिरफ्तारियां और अत्याचार हुए हैं। इतना ही नहीं, पिछले साल पूरे बांग्लादेश में 3,000 घटनाएं हुईं। इनमें से 66 लोगों की हत्या कर दी गई और कट्टरपंथियों ने कई मंदिरों पर हमले किए। जो स्वीकार्य नहीं हैं।
विवादास्पद गिरफ्तारी के बाद स्थानीय अदालत ने हिंदू व्यक्ति को जेल भेज दिया, जिससे अल्पसंख्यक समूहों में भारी आक्रोश फैल गया। प्रवर्तन एजेंसियों ने अल्पसंख्यकों का पक्ष सुना ही नहीं। अल्पसंख्यक मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को धार्मिक निर्माण कार्य को रोकने की एक दुर्भावनापूर्ण कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।
बांग्लादेश हिंदू-बुद्ध-ईसाई एकता परिषद के वरिष्ठ नेता सुब्रत चौधरी ने विरोध मार्च के दौरान अंतरिम प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी और धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होने कहा कि देश में कुछ लोग सद्भाव का माहौल खराब कर रहे हैं।
परिषद के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार से जेल में बंद हिंदू व्यक्ति की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम प्रशासनिक स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होने चेतावनी दी कि अगर सरकार अल्पसंख्यक धर्म का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहती है तो देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों ने राजनयिक हलचल पैदा कर दी है, जिसमें भारत सरकार ने बीते 23 जून को बांग्लादेश से कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई शुरू करने और अल्पसंख्यक समुदायों की पूर्ण सुरक्षा की गारंटी देने का पुरजोर आग्रह किया। नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान संवेदनशील भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बात करते हुए, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने धार्मिक संस्थानों और प्रतीकों को निशाना बनाए जाने की बढ़ती घटनाओं पर नई दिल्ली की गहरी चिंता व्यक्त की थी।
Updated on:
18 Jul 2026 04:12 pm
Published on:
18 Jul 2026 04:12 pm
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