विदेश

अमेरिकी न्याय विभाग ने खोली एपस्टीन की काली फाइल, ट्रंप पर लगे गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप

अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेजों का एक नया सेट जारी किया है, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह 13-15 वर्ष की थी तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उसका यौन उत्पीड़न किया गया था।

2 min read
Mar 06, 2026
Donald Trump (Photo - Washington Post)

US Justice Department Epstein Files: अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़ी कुछ अतिरिक्त एफबीआई फाइलें जारी की हैं, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। यह खुलासा गुरुवार को हुआ, जिससे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

ये भी पढ़ें

पैनी नजर, लंबी प्लानिंग फिर अचूक हथियार से इजरायल ने की खामेनेई की हत्या

महिला ने ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप

ये दस्तावेज 2019 में एक महिला से एफबीआई द्वारा की गई कई पूछताछों के सारांश हैं। महिला, जो उस समय 13 से 15 साल की किशोरी थी, ने दावा किया कि एपस्टीन ने उसे ट्रंप से न्यूयॉर्क या न्यू जर्सी में मिलवाया था। उसके अनुसार, ट्रंप ने उसे अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए मजबूर करने की कोशिश की। महिला ने यह भी कहा कि उसे धमकी भरे फोन आए, जिसमें चुप रहने की चेतावनी दी गई, और वह मानती है कि ये एपस्टीन से जुड़े थे।

न्याय विभाग ने सावर्जनिक किए दस्तावेज

ये फाइलें पहले सार्वजनिक नहीं की गई थीं क्योंकि उन्हें गलती से डुप्लिकेट (दोहराव वाली) मार्क किया गया था। न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि ये दस्तावेज एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी किए गए लाखों पेजों का हिस्सा हैं, लेकिन ये पहले छूट गए थे। विभाग ने कहा कि कुछ दावे असत्य और सनसनीखेज हैं, खासकर ट्रंप के खिलाफ, और ये 2020 चुनाव से पहले एफबीआई को भेजे गए थे।

ट्रंप ने आरोपों से किया इनकार

ट्रंप ने इन आरोपों से इनकार किया है और व्हाइट हाउस ने इन्हें बेबुनियाद और बिना सबूत के बताया है। डेमोक्रेट्स ने ट्रंप प्रशासन पर एपस्टीन फाइलों को संभालने में कवर-अप का आरोप लगाया है। हाउस कमिटी ने अटॉर्नी जनरल पर सब्पोना जारी करने का फैसला किया है।

जानें न्याय विभाग ने क्या कहा

एपस्टीन, एक दोषी सेक्स ट्रैफिकर, 2019 में जेल में आत्महत्या कर चुके हैं। उनके मामले में कई हाई-प्रोफाइल नाम सामने आए हैं, लेकिन ट्रंप पर ये नए आरोप पुराने दावों को फिर से जीवित कर रहे हैं। न्याय विभाग ने जोर दिया कि इनमें शामिल होने का मतलब दोष साबित नहीं होता, और कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

ये भी पढ़ें

ईरान इजरायल जंग की जद में आया हिंद महासागर, हिंद नाम होने पर भी क्यों नहीं है भारत का इस पर नियंत्रण, जानें

Updated on:
06 Mar 2026 04:28 pm
Published on:
06 Mar 2026 04:24 pm
Also Read
View All

अगली खबर