
Donald Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फाइल फोटो- आईएएनएस)
Donald Trump Iran Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कहा है कि अमेरिका आज रात ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप और उसके तेल-गैस कारोबार पर अपना कंट्रोल हासिल करेगा। ट्रंप के इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा।" उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और उसकी अधिकांश आक्रामक सैन्य क्षमता पहले ही खत्म हो चुकी है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) के साथ-साथ अन्य तेल ठिकानों पर भी अपना कंट्रोल हासिल करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस बाजार पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करेगा, जैसा उसने वेनेजुएला में किया था।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हवाई हमलों का दौर जारी है। ट्रंप इससे पहले भी ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि यदि तेहरान उनकी शांति समझौते की शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो और हमले किए जा सकते हैं। वहीं ईरान ने भी बल प्रयोग की स्थिति में कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है।
खार्ग द्वीप (Kharg Island) ईरान की अर्थव्यवस्था की सबसे अहम कड़ी माना जाता है। ईरान के करीब 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के जरिए होता है। ईरानी तट से दूर स्थित यह छोटा सा द्वीप देश के तेल कारोबार का प्रमुख केंद्र है और अमेरिकी अधिकारियों ने इसे पहले 'ईरानी तेल आपूर्ति का मुख्य केंद्र' भी बताया है।
द्वीप के आसपास का गहरा समुद्री क्षेत्र बड़े तेल टैंकरों के आवागमन के लिए उपयुक्त है, जिससे यह तेल निर्यात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यदि खार्ग द्वीप पर नियंत्रण स्थापित हो जाता है तो ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को भारी आर्थिक झटका लग सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप खार्ग द्वीप को लेकर दशकों से अपनी राय जाहिर करते रहे हैं। वर्ष 1988 में भी उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि अमेरिकी सैनिकों या जहाजों पर हमला हुआ तो वह खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लेंगे।
रणनीतिक महत्व के कारण खार्ग द्वीप की सुरक्षा बेहद कड़ी रहती है। इसकी निगरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) करता है और यहां आम लोगों की पहुंच सीमित है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका पहले भी खार्ग द्वीप पर कार्रवाई की योजना पर विचार कर चुका था, लेकिन 8 अप्रैल को हुए युद्धविराम के बाद यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि ऐसे किसी अभियान में उनके सैनिकों को भारी नुकसान हो सकता है क्योंकि यह इलाका ईरानी मिसाइलों की पहुंच में है। वहीं, रिपोर्टों में कहा गया कि ईरान ने द्वीप की सुरक्षा और कड़ी कर दी थी ताकि किसी भी संभावित कार्रवाई को रोका जा सके।
Updated on:
11 Jun 2026 07:34 pm
Published on:
11 Jun 2026 06:23 pm
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