
अमेरिका ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (Venezuela Acting President Delcy Rodriguez) पर लगे बैन हटा दिए हैं। अमेरिका के वित्त विभाग की वेबसाइट पर किए गए पोस्ट में इसकी जानकारी दी गई है। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने कहा कि रोड्रिगेज को प्रतिबंधित लिस्ट से हटा दिया गया है। अमेरिका के इस निर्णय का वेनेजुएला ने स्वागत किया है।
अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाने के निर्णय का वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने स्वागत किया है। डेल्सी रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा- राष्ट्रपति ट्रंप का यह फैसला हमारे देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। हमें भरोसा है कि इस प्रगति और दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप, अंतत: हमारे देश पर लगे अतिरिक्त सक्रिय प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे।
अमेरिका का फैसले पर डेल्सी रोड्रिगेज ने आगे लिखा कि इससे हमारे लोगों के फायदे के लिए तेज आर्थिक विकास, निवेश और हमारे लोगों के फायदे के लिए एक प्रभावी द्विपक्षीय सहयोग एजेंडा संभव हो पाएगा। आइए, हम सभी के लिए एक समृद्ध वेनेज़ुएला बनाने की दिशा में काम करते रहें।
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज पर अमेरिक ने 2018 में प्रतिबंध लगाए थे। डेल्सी रोड्रिगेज, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के नेतृत्व वाली सरकार में उपराष्ट्रपति रह चुकी हैं। साल 2018 में उनकी सरकार के सदस्यों को टारगेट करने के लिए अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगाए थे।
अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर बंधक बना लिया था। अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर न्यूयॉर्क ले गए थे। इसके बाद रोड्रिगेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाली और तब से वॉशिंगटन उनकी सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते लंबं समय से खराब चल रहे हैं। हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला को कुछ पाबंदियों में ढील दी है, खासकर ऊर्जा सेक्टर में। बता दें कि वेनेजुएला के पास दुनिया के कुछ सबसे बड़े तेल के भंडार हैं और वह ग्लोबल एनर्जी लैंडस्केप में एक अहम खिलाड़ी बना हुआ है। अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल उद्योग और उसके वितरण को प्रभावित कर रहा है और दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे हैं।