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अमेरिका में चुनावी मौसम में नेताओं को याद आई भारतीय संस्कृति, आखिर हर कोई इन्हें क्यों साध रहा?

US Midterm Elections: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकी वोटर्स नेताओं के लिए अहम हो गए हैं। उम्मीदवार डोसा बनाने से लेकर मंदिरों और दिवाली समारोहों में शामिल होकर भारतीय समुदाय तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
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Updated: 31 Oct 2026, 11:36 AM IST
Indian American Voters
भारतीय वोटर्स के लिए डोसा बनाते डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको (फोटो सोर्स-@Vasireddytdp123)

US Midterm Elections: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकी वोटर्स को अपने पक्ष में करने की होड़ तेज हो गई है। कोई भारतीय रेस्तरां में डोसा बनाकर समुदाय से जुड़ने की कोशिश कर रहा है, तो कोई मंदिरों और दिवाली समारोहों में पहुंच रहा है। टेक्सास से लेकर न्यू जर्सी और मिशिगन तक नेताओं के इस देसी अंदाज के पीछे भारतीय वोटर्स का चुनावी गणित क्या है?

जब अमेरिकी नेता ने तवे पर बनाए करारे डोसे

इस चुनावी ड्रामे का सबसे चर्चित किस्सा टेक्सास से सामने आया है। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने भारतीय वोटर्स का दिल जीतने के लिए डलास के पास इरविंग स्थित एक मशहूर भारतीय रेस्टोरेंट का रुख किया। सफेद शर्ट और काला सूट पहने टालारिको ने तवे पर डोसे का बैटर फैलाया, उसमें मसालेदार आलू की फिलिंग भरी और फिर उसे करीने से मोड़कर केले के पत्ते पर परोसा। उनके इस अंदाज ने वहां मौजूद भारतीय समुदाय का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर उनकी इस पहल की जमकर तारीफ हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अप्रवासी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति है।

मंदिरों और दिवाली समारोहों में भी बढ़ी नेताओं की मौजूदगी

टेक्सास के अलावा अमेरिका के कई अन्य राज्यों में भी नेता भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेते नजर आ रहे हैं। कनेक्टिकट के गवर्नर नेड लैमॉन्ट ने राज्य की राजधानी में आयोजित दिवाली समारोह में शिरकत की, जबकि ओहायो के कांग्रेसमैन ग्रेग लैंड्समैन शेरॉनविल स्थित BAPS स्वामीनारायण मंदिर के पाटोत्सव में शामिल हुए। न्यू जर्सी के सीनेटर कोरी बुकर ने अक्षरधाम मंदिर में दिवाली मनाई। वहीं, पेंसिल्वेनिया के कांग्रेसमैन रैंडी फाइन और स्कॉट पेरी ने हैरिसबर्ग के एक मंदिर का दौरा किया। मिशिगन के कांग्रेसमैन जॉन जेम्स भी स्वामीनारायण मंदिर पहुंचे। इन कार्यक्रमों के जरिए अमेरिकी नेता भारतीय-अमेरिकी समुदाय की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक योगदान से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

भारतीय वोटर्स इतने जरूरी क्यों हैं?

अमेरिका में भारतीय समुदाय की आबादी तेजी से बढ़ी है और अब वे कई राज्यों में एक निर्णायक भूमिका में हैं। कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, पेंसिल्वेनिया और जॉर्जिया जैसे राज्यों में भारतीय मूल के लोग अच्छी खासी संख्या में रहते हैं। जॉर्जिया, मिशिगन और पेंसिल्वेनिया जैसे स्विंग स्टेट्स में अक्सर मुकाबला बेहद करीबी होता है। ऐसे में कुछ हजार वोट भी चुनाव का पासा पलट सकते हैं। यही वजह है कि अमेरिकी उम्मीदवार अब पारंपरिक रैलियों से आगे निकलकर सीधे भारतीय संस्कृति, त्योहारों और खानपान के जरिए वोटर्स के दिलों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

Updated on:
31 Oct 2026, 11:36 AM IST
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