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अमेरिकी सेना ने शेयर किया ईरान पर हमले का 37 सेकंड्स का वीडियो, मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और रडार साइट्स को बनाया निशाना

Iran-US Conflict: शांति समझौते के बाद एक बार फिर ईरान और अमेरिका में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज पर ईरानी हमले का जवाब देते हुए अमेरिका ने भी ईरान पर हमला किया है।
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Jun 27, 2026
US attack on Iran
अमेरिका ने फिर किया ईरान पर हमला (Photo - @CENTCOM on social media)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) होने के बावजूद अब कुछ ऐसा हुआ जिससे दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। 25 जून को आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में M/V एवर लवली जहाज पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किया था, जिसका जवाब देते हुए अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को देर रात ईरान पर हमला किया।

अमेरिकी सेना ने शेयर किया वीडियो

अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने इस हमले का वीडियो शेयर किया है। 37 सेकंड्स के इस वीडियो में अमेरिकी सेना के ईरान में मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और रडार साइट्स पर मिसाइल अटैक को दिखाया गया है।

सीज़फायर उल्लंघन के जवाब में हमला ज़रूरी

अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल शिपिंग के ख़िलाफ की गई यह गैर-ज़रूरी आक्रामकता सीज़फायर उल्लंघन थी। अमेरिका का मानना है कि ईरान के खतरनाक व्यवहार ने इस रणनीतिक जलमार्ग में जहाजों के नेविगेशन की आज़ादी को भी कमज़ोर कर दिया, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से व्यापार काफ़ी ज़्यादा होता है। इसी वजह से अमेरिकी सेना ने ईरान पर किए जवाबी हमले को ज़रूरी बताया।

सतर्क है अमेरिकी सेना

CENTCOM ने साफ कर दिया कि उनकी सेना होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए कोऑर्डिनेशन और सपोर्ट देना जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी सेना यह सुनिश्चित करने के लिए तैनात और सतर्क है कि ईरान के साथ हुए शांति समझौते के सभी पहलुओं का पालन हो और वो पूरी तरह से लागू रहें।

हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "ईरान ने सीज़फायर समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हमने इस समझौते का सम्मान किया है। अगर उन्हें इस समझौते को लागू करने के तरीके को लेकर कोई मतभेद है, तो वो फोन कर सकते हैं। लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।"

आईआरजीसी ने की निंदा, की जवाबी कार्रवाई

आईआरजीसी ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है। आईआरजीसी की तरफ से इस हमले के बाद जारी बयान में बताया गया कि अमेरिका ने हमेशा की तरह अपने वादों को तोड़ा है। इसी वजह से ईरान की नेवी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इलाके में उन जगहों को निशाना बनाया है जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है।

आईआरजीसी ने दी चेतावनी

अमेरिकी हमलों की निंदा के साथ ही आईआरजीसी ने अमेरिका को चेतावनी भी दे दी है। आईआरजीसी ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका ने फिर से हमला किया, तो ईरान उसका करारा जवाब देगा।