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मसूद पेज़ेशकियान ने ईरान को बताया शक्तिशाली और सम्मानित देश, सेना को दिया दुश्मन को सबक सिखाने का क्रेडिट

Iran-US Peace Deal: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने अमेरिका से शांति समझौते के बाद ईरान को शक्तिशाली और सम्मानित देश बताया है। उन्होंने अमेरिका से हुए शांति समझौते को ईरान के लिए जीत के तौर पर पेश किया।
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भारत

•

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Tanay Mishra

•

Jun 25, 2026

Masoud Pezeshkian

मसूद पेज़ेशकियान (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) हो गया है और इसका असर भी दिखने लगा है। दोनों देशों के बीच युद्ध का स्थायी अंत हो चुका है और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पूरी तरह से खुल चुका है, जिससे जहाजों की आवाजाही बढ़ने लगी है। ईरान और अमेरिका दोनों ही इस शांति समझौते को अपनी-अपनी जीत के तौर पर पेश कर रहे हैं। इसी बीच अब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (Masoud Pezeshkian) ने एक बड़ा बयान दे दिया है।

ईरान को बताया शक्तिशाली और सम्मानित देश

पेज़ेशकियान ने ईरान की तारीफ करते हुए कहा, "ईरान को अब पूरी दुनिया में एक शक्तिशाली और सम्मानित देश के तौर पर पहचाना जाने लगा है। युद्ध में हमारे दुश्मनों को लगा थे कि वो 3 दिन में ईरान को खत्म कर देंगे और सत्ता में अपने प्रॉक्सी बिठा देंगे, लेकिन हमारी सेना ने उन्हें सबक सिखा दिया।"

सेना ने कायम की मिसाल

पेज़ेशकियान ने सेना को क्रेडिट देते हुए कहा, "हमारी सेना ने एक ऐसी मिसाल कायम की जिसकी दुश्मन कभी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। हमारी सेना ने अमेरिका और इज़रायल के हमलों का ऐसा जवाब दिया जिसके बारे में उन्होंने सोचा भी नहीं था।"

मिसाइलों का त्याग नहीं करेगा ईरान

इससे पहले मंगलवार को पेज़ेशकियान एक दिवसीय पाकिस्तान दौरे पर रहे। इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने अपने देश के मिसाइल प्रोग्राम को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध में मिसाइलों ने अहम भूमिका निभाई। ईरानी राष्ट्रपति के अनुसार उनकी मिसाइलें सेल्फ-डिफेंस के लिए हैं, और अगर उनके पास ये नहीं होती तो इज़रायल और अमेरिका ईरान को वैसे ही तबाह कर देते जैसे गाजा को तबाह किया गया था। पेज़ेशकियान का मानना है कि अगर ईरान के पास मिसाइलें नहीं होती, तो दुश्मन उनके देश बुज़ुर्गों या युवाओं, किसी पर कोई रहम नहीं दिखाते और सभी को मौत के घाट उतार देते। पेज़ेशकियान ने साफ कर दिया कि ईरान किसी भी हालत में अपनी डिफेंसिव क्षमता पर किसी से भी बातचीत नहीं करेगा और न ही अपनी मिसाइलों का त्याग करेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को भी ईरान के पास कुछ मिसाइलें होने से कोई परेशानी नहीं है।