
अमेरिका और ईरान में चल रहे तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना के पास मिसाइल रक्षा सिस्टम के गोला-बारूद खत्म हो रहे हैं।
ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका के पास भारी मात्रा में हथियार हैं और जो लोग ऐसी 'देशद्रोही' जानकारी लीक कर रहे हैं, उनकी तलाश चल रही है। उन्हें लंबी जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा- अमेरिका के पास खासकर कुछ खास तरह के गोला-बारूद बहुत बड़ी मात्रा मौजूद है। जरूरत पड़ने पर और भी बन रहे हैं और भेजे जा रहे हैं।
डिफेंस कंपनियां देश के इतिहास में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां बना रही हैं। इन गद्दार लीकरों को ढूंढा जा रहा है। जिन्हें लंबे समय तक जेल में रखा जाएगा।
सीएनएन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी सैन्य कमांडरों ने चिंता जताई है कि कुछ खास हथियारों के भंडार बहुत कम रह गए हैं। खासकर एयर डिफेंस इंटरसेप्टर यानी दुश्मन की मिसाइलों को रोकने वाले हथियार।
रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस यानी थैड मिसाइलों का करीब 80 फीसदी स्टॉक इस्तेमाल हो चुका है। पैट्रियट इंटरसेप्टर का भी लगभग आधा हिस्सा खर्च हो गया है।
इससे पहले सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज ने अनुमान लगाया था कि युद्ध से पहले अमेरिका के पास करीब 452 थैड मिसाइलें और करीब 2200 आधुनिक पैट्रियट इंटरसेप्टर थे। सीएनएन ने बताया कि थैड के इतने बड़े इस्तेमाल की बात पहले सार्वजनिक नहीं हुई थी।
इसको लेकर खाड़ी के कई देश भी चिंतित हैं। ये देश अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम पर निर्भर हैं। अधिकारी बताते हैं कि अगर अमेरिका के पास हथियार कम पड़ गए तो ईरान की तरफ से मिसाइल या ड्रोन अटैक होने पर बचाव मुश्किल हो सकता है।
ट्रंप इससे पहले भी वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करते हुए कह चुके हैं कि अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ज्यादा गोला-बारूद है और जरूरत से कहीं ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने ईरान पर होने वाला सबसे बड़ा हमला रोक दिया है।