US Navy Mine Clearance Mission: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका का बड़ा ऑपरेशन शुरू, यूएस नेवी ने समुद्र में बिछी माइंस हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है।
Hormuz Mine Clearance US Navy: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने जानकारी दी है कि अमेरिकी नौसेना ने समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि इस अहम समुद्री रास्ते को सुरक्षित बनाया जा सके।
सेंटकॉम के अनुसार, 11 अप्रैल को अमेरिकी बलों ने होर्मुज में माइन क्लियरेंस मिशन की शुरुआत की। इस दौरान अमेरिकी नौसेना के दो गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन (डीडीजी 121) और यूएसएस माइकल मर्फी (डीडीजी 112) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए अरब सागर क्षेत्र में ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इन जहाजों ने व्यापक मिशन के तहत काम करते हुए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि समुद्री रास्ता पूरी तरह सुरक्षित हो और पहले बिछाई गई माइंस को हटाया जा सके।
अमेरिकी कमांड ने दावा किया है कि ये समुद्री माइंस ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा बिछाई गई थीं। हालांकि, इस दावे पर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस रास्ते में किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार, तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी बल एक नया सुरक्षित समुद्री मार्ग तैयार कर रहे हैं, जिसे जल्द ही समुद्री उद्योग के साथ साझा किया जाएगा, ताकि व्यापारिक जहाज बिना किसी खतरे के आवाजाही कर सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में अतिरिक्त अमेरिकी बल और पानी के भीतर काम करने वाले ड्रोन भी इस मिशन में शामिल किए जाएंगे, जिससे माइन क्लियरेंस ऑपरेशन को और तेज किया जा सके।
अमेरिका का यह कदम ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और शांति वार्ता के प्रयास भी जारी हैं। ऐसे में होर्मुज में यह सैन्य गतिविधि आने वाले समय में हालात को और संवेदनशील बना सकती है।