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ईरान पर बमबारी के बाद अमेरिकी पायलट का बयान – “पहली बार देखा ऐसा नज़ारा”

इज़रायल-ईरान युद्ध में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की। इस पूरे मामले के बारे में अब एक अमेरिकी पायलट ने बयान दिया है। क्या कहा इस अमेरिकी पायलट ने? आइए जानते हैं।

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Jun 27, 2025
US bombing Iranian nuclear sites (Photo - Patrika Network)

इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच करीब 12 दिन तक युद्ध चला, जो अब खत्म हो चुका है। दोनों देशों के बीच लागू हुए सीज़फायर का पालन किया जा रहा है। हालांकि युद्ध के दौरान इज़रायल और ईरान ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए, जिनमें दोनों ही देशों को नुकसान हुआ। हालांकि इस युद्ध में ज़्यादा नुकसान ईरान को हुआ और युद्ध का टर्निंग पॉइंट तब आया जब अमेरिका (United States Of America) ने युद्ध में शामिल होते हुए ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की।

'बंकर बस्टर बम' से अमेरिका ने मचाई तबाही

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ऑर्डर पर अमेरिकी एयरफोर्स ने ईरान में तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी की। फोर्डो (Fordow), नतांज़ (Natanz) और इस्फहान (Isfahan)। इसके लिए अमेरिका ने 'बी-2 बॉम्बर' ('B-2 Bomber) विमानों का इस्तेमाल करते हुए तीनों परमाणु ठिकानों पर 'बंकर बस्टर बम' (Bunker Buster Bomb) गिराकर तबाही मचा दी। यह एक ऐसा बम है जिससे ज़मीन के नीचे गहराई में बने बंकर में भी नुकसान पहुंचाया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार अमेरिका की इस बमबारी में ईरान के तीनों परमाणु ठिकाने तबाह हो गए हैं। हालांकि ईरान का दावा है कि उनके परमाणु ठिकानों को नुकसान ज़रूर पहुंचा है, लेकिन वो तबाह नहीं हुए हैं।


"पहली बार देखा ऐसा नज़ारा"

अमेरिकी वायुसेना के एक पायलट ने इस कार्रवाई के बारे में अपने अनुभव शेयर किए। अमेरिकी एयरफोर्स ने इस मिशन को 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' नाम दिया। इस मिशन को काफी गोपनीय रखा गया था। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन कैन (Dan Caine) ने बताया कि इस मिशन में शामिल एक पायलट ने अपने अनुभव शेयर करते हुए उससे कहा, "फोर्डो परमाणु ठिकाने पर बमबारी करने के बाद बेहद ही चमकीला और रोशनी वाला धमाका हुआ। मैंने पहली बार ऐसा नज़ारा देखा। यह एक ऐसा पल था जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता।"

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