अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू कर दिए हैं, जिसमें अमेरिकी सेना ने मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस की घोषणा की। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो संदेश में ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC), सेना और पुलिस को अल्टीमेटम दिया है।
अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खिलाफ खुली जंग छेड़ दी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को फाइनल वार्निंग दे दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि हथियार छोड़कर सरेंडर कर दो वरना मौत तय है।
ट्रंप ने कहा- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों, आर्म्ड फोर्सेज और सभी पुलिसवालों से मैं आज कहता हूं कि आपको अपने हथियार डालने होंगे और पूरी इम्यूनिटी लेनी होगी या इसके बजाय, पक्की मौत का सामना करना होगा। इसलिए, अपने हथियार डाल दें, आपके साथ सही बर्ताव किया जाएगा
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के लोगों के लिए आजादी का समय आ गया है। साथ ही ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से सुरक्षित रहने का आग्रह किया क्योंकि हर जगह बम गिरेंगे। उन्होंने इस ऑपरेशन को जनता के लिए अपनी सरकार पर कब्जा करने का एक ऐतिहासिक मौका बताया।
ट्रंप ने कहा- ईरान के लोगों से मैं आज कहता हूं कि आपकी आजादी का समय आ गया है। सुरक्षित रहें। अपने घर से बाहर न निकलें। बाहर बहुत खतरा है। हर जगह बम गिरेंगे। जब हम काम पूरा कर लेंगे, तो अपनी सरकार संभाल लेना। यह आपकी होगी। शायद, पीढ़ियों के लिए यह आपका एकमात्र मौका होगा।
उन्होंने कहा- कई सालों से, आपने अमेरिका से मदद मांगी है, लेकिन आपको कभी नहीं मिली। कोई भी प्रेसिडेंट वह करने को तैयार नहीं था जो मैं आज करने को तैयार हूं। अब आपके पास एक ऐसा प्रेसिडेंट है जो आपको वह दे रहा है जो आप चाहते हैं। तो देखते हैं कि आप कैसे जवाब देते हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए मिलिट्री एक्शन एक आखिरी जरूरत थी, उन्होंने कहा कि यह उनके एडमिनिस्ट्रेशन की पक्की पॉलिसी है कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा- ईरान दुनिया में आतंक को स्पॉन्सर करने वाला नंबर एक देश है और हाल ही में उसने सड़क पर विरोध कर रहे अपने ही हजारों नागरिकों को मार डाला।
इसके अलावा, ट्रंप ने दावा किया कि डील करने की बार-बार कोशिशों के बावजूद, ईरान ने अपने न्यूक्लियर इरादों को छोड़ने से मना कर दिया और इसके बजाय यूरोप और अमेरिकी होमलैंड तक पहुंचने में काबिल लंबी दूरी की मिसाइलें बनाते हुए अपने प्रोग्राम को फिर से बनाने की कोशिश की।