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दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- देशों पर लगाए गए…

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका आर्थिक रूप से समृद्ध होता है, तो पूरी दुनिया समृद्ध होती है। यह इतिहास का गवाह है। जब आर्थिक मंदी आती है, तो आप सब भी उसी राह पर चलते हैं। 
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Jan 21, 2026
Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-IANS)

Trump Davos Visit: स्विट्जरलैंड के दावोस में बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 70 मिनट का भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका वापस आ गया है, पहले से कहीं ज़्यादा बड़ा, मज़बूत और बेहतर। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पवनचक्कियां पूरे यूरोप में फैली हुई हैं और बेवकूफ लोगों द्वारा खरीदी गई बेकार चीज़ें हैं।

टैरिफ लगाने की दी थी धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दवाओं की ऊंची कीमतों से निपटने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन को अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।

हर देश के शेयर बाजारों में आई तेजी

उन्होंने विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने वाले लगभग हर देश के शेयर बाजारों में तेजी देखी गई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने दुनिया के 40 प्रतिशत देशों के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि देशों पर लगाए गए टैरिफ के कारण अमेरिका के बढ़ते व्यापार घाटे में कमी आई है।

अमेरिका दुनिया का आर्थिक इंजन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका आर्थिक रूप से समृद्ध होता है, तो पूरी दुनिया समृद्ध होती है। यह इतिहास का गवाह है। जब आर्थिक मंदी आती है, तो आप सब भी उसी राह पर चलते हैं। 

उन्होंने कहा कि आज दोपहर मैं इस बात पर चर्चा करना चाहता हूँ कि हमने यह आर्थिक चमत्कार कैसे हासिल किया, हम अपने नागरिकों के जीवन स्तर को अभूतपूर्व स्तर तक कैसे पहुँचाने का इरादा रखते हैं, और शायद आप भी, और आपके क्षेत्र भी, हमारे कार्यों का अनुसरण करके बेहतर स्थिति प्राप्त कर सकते हैं। 

ग्रीनलैंड के बारे में कही ये बात

डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड के बारे में बात करते हुए कहा कि वह “बर्फ का एक टुकड़ा, ठंडा और खराब जगह पर” मांग रहे थे। ट्रंप ने कहा कि यह इलाका “दुनिया की शांति और दुनिया की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है”, जबकि यह भी कहा कि यह उस डिफेंस शील्ड की तुलना में “छोटी सी मांग” है जो US ने NATO और डेनमार्क को ऑफर किया था।

Updated on:
21 Jan 2026 09:00 pm
Published on:
21 Jan 2026 09:00 pm