Cipher Leak Pakistan-US Relations: लीक हुए अमेरिकी डिप्लोमेटिक साइफर में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका से समर्थन मांगा था, लेकिन वॉशिंगटन ने भारत के खिलाफ जाने से साफ इनकार कर दिया। जानिए क्या है पूरा मामला।
US Rejected Pakistan Support on Kashmir: अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। हाल ही में सामने आए एक सीक्रेट डिप्लोमेटिक साइफर लीक ने दिखाया है कि पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका से खुला समर्थन मांगता रहा, लेकिन वॉशिंगटन ने भारत के खिलाफ जाने से साफ इनकार कर दिया था।
लीक दस्तावेजों के मुताबिक, अमेरिका ने साफ संकेत दिए थे कि वह भारत के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाकर पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा नहीं होगा। इससे यह भी साफ हो गया कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार कोशिशें अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाईं।
रिपोर्ट के अनुसार, 7 मार्च 2022 को वॉशिंगटन में अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू और पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद मजीद खान के बीच इस मुद्दे पर तीखी बातचीत हुई थी।
लीक साइफर में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी दूत ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि अमेरिका हर वैश्विक मुद्दे पर पाकिस्तान से सहयोग चाहता है, लेकिन जब कश्मीर का सवाल आता है तो वह इस्लामाबाद का समर्थन नहीं करता।
इस बातचीत से यह भी संकेत मिला कि पाकिस्तान अमेरिका से अपनी उम्मीदों को लेकर लगातार असंतुष्ट रहा है।
अमेरिकी अधिकारी डोनाल्ड लू ने बातचीत के दौरान साफ कहा कि अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को चीन के खिलाफ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के नजरिए से देखता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत की तटस्थ नीति पर भी सवाल उठाए थे। पाकिस्तानी पक्ष का कहना था कि अमेरिका ने भारतीय रुख का बचाव किया, जबकि पाकिस्तान को वैसा समर्थन नहीं मिला।
हालांकि अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दिया कि भारत के साथ उसके संबंध केवल किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और चीन को लेकर उसकी व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
भारत हमेशा से कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। अमेरिका ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर लंबे समय से संतुलित रुख अपनाया है।
लीक दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि वॉशिंगटन ने पाकिस्तान के दबाव के बावजूद कश्मीर पर भारत विरोधी रुख अपनाने से परहेज किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला दिखाता है कि वैश्विक कूटनीति में भारत की रणनीतिक अहमियत लगातार बढ़ी है, जबकि पाकिस्तान की पारंपरिक लॉबिंग पहले जैसी प्रभावी नहीं रह गई है।
यह साइफर लीक ऐसे समय सामने आया है जब दक्षिण एशिया की राजनीति, भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और चीन को लेकर वैश्विक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस खुलासे ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अमेरिका अब भारत को केवल क्षेत्रीय साझेदार नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीतिक सहयोगी के रूप में देखता है। वहीं पाकिस्तान की कश्मीर केंद्रित विदेश नीति को पहले जैसा समर्थन नहीं मिल रहा है।