
US Supreme Court Drug Users Gun Rights: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए संघीय सरकार की उस शक्ति को सीमित कर दिया, जिसके तहत नियमित रूप से मारिजुआना (गांजा) का इस्तेमाल करने वाले लोगों से हथियार रखने का अधिकार छीना जा सकता था। हालांकि अदालत ने यह नहीं कहा कि यह फैसला सभी तरह के ड्रग्स लेने वालों या नशे के आदी लोगों पर लागू होगा। यह मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा था, जिस पर नियमित रूप से मारिजुआना इस्तेमाल करने के आधार पर कार्रवाई की गई थी।
न्यायमूर्ति नील गोरसच द्वारा लिखे गए सर्वसम्मत फैसले में अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से अली दानियाल हेमानी के खिलाफ की गई कार्रवाई अमेरिकी संविधान के दूसरे संशोधन के अनुरूप नहीं थी। अदालत के अनुसार, सरकार यह साबित नहीं कर सकी कि हेमानी दूसरों के लिए कोई खतरा थे।
यह मामला अली दानियाल हेमानी से जुड़ा है जो अमेरिका और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता रखते हैं। साल 2023 में उन पर संघीय हथियार और ड्रग्स कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था। एफबीआई ने उनके परिवार के घर की तलाशी के दौरान एक ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल और 60 ग्राम मारिजुआना बरामद किया था जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
हालांकि न्याय विभाग ने उन पर ड्रग्स से जुड़े अन्य आरोप भी लगाए थे लेकिन अदालत के सामने मुख्य सवाल यह था कि क्या केवल नियमित रूप से मारिजुआना का इस्तेमाल करने के आधार पर किसी व्यक्ति से हथियार रखने का अधिकार छीना जा सकता है।
अदालत ने कहा कि कुछ मामलों में मारिजुआना या दूसरे प्रतिबंधित नशे का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति दूसरों के लिए खतरा बन सकता है। लेकिन इस मामले में सरकार यह साबित नहीं कर पाई कि संबंधित व्यक्ति किसी के लिए खतरा था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार यह मानने की मांग कर रही थी कि जो भी व्यक्ति नियमित रूप से मारिजुआना का इस्तेमाल करता है वह स्वाभाविक रूप से हिंसक और खतरनाक होता है। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने साफ किया कि यह फैसला केवल इस मामले तक सीमित है। न्यायाधीशों ने यह तय नहीं किया कि नशे के आदी लोगों, नशे की हालत में हथियार रखने वालों या ऐसे लोगों पर कानून कैसे लागू होगा जो खुद या दूसरों के लिए खतरा बन सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन ने इस मामले में संघीय कानून का बचाव करते हुए कहा था कि हथियार और ड्रग्स का संयोजन खतरनाक हो सकता है। न्याय विभाग के अनुसार, हर साल करीब 300 लोगों पर इस कानून के तहत मुकदमा चलाया जाता है और दोषी पाए जाने पर 15 साल तक की सजा हो सकती है।
यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में रहा क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन को भी वर्ष 2024 में इसी कानून के तहत दोषी ठहराया गया था। बाद में उन्हें राष्ट्रपति बाइडेन ने माफ कर दिया था।
इससे पहले टेक्सास की एक संघीय जिला अदालत ने हेमानी के खिलाफ आरोप खारिज कर दिए थे। बाद में फिफ्थ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने भी उस फैसले को बरकरार रखा। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हेमानी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा है कि केवल नियमित रूप से मारिजुआना इस्तेमाल करने के आधार पर किसी व्यक्ति को स्वतः खतरनाक मानना उचित नहीं है।