
US targets Iran civilian infrastructure: अमेरिका ने ईरान के सिविलिय इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेना ने चाबाहार पोर्ट पर भी हमला किया। अमेरिकी हमले में पोर्ट टावर पूरी तरह से तबाह हो गया। ईरान ने भी कतर, बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। युद्ध का लैडर एक स्टेप ऊपर होने के बाद अब मध्य एशिया के कई देशों में तनाव बढ़ गया है।
इधर, जानकारी सामने आ रही है कि ईरानियों ने यमन की सत्ता पर काबिज हूथियों को भी लाल सागर को अवरुद्ध करने के लिए कहा है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉप्स ने उत्तरी इराक के कुर्द इलाके और सीरिया में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड सेंटर पर हमला कया है। ईरान ने अपनी कार्रवाई को लेकर कहा कि देश में अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकबार फिर जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान पहले की तुलना में अब बेहद कमजोर हो चुका है। उसकी क्षमता नष्ट हो गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने प्राइम टाइम संबोधन में दावा किया कि अमेरिका ईरान में बड़ी जीत हासिल कर रहा है और अमेरिकी लोगों को चल रही सैन्य कोशिशों का फल बहुत जल्द देखने को मिलेगा। ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान पर हमले का दायरा बढ़ाने पर विचार करने के लिए व्हाइट हाउस में एक अहम बैठक करने के कुछ दिनों बाद आई है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि शुक्रवार की रात ईरान के दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत में अमेरिकी हमले में पुलों को निशाना बनाया गया। इस हमले में 7 ईरानी नागरिक मारे गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बंदर अब्बास को खमीर से जोड़ने वाला गारिवेह पुल को भी अमेरिकी सेना ने तबाह कर दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता टूट गया है। नए सिरे से शुरू हुए सैन्य संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एकबार फिर ब्लॉकेड की स्थिति उत्पन्न हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य की अमेरिकी नौसेना ने घेराबंदी कर दी है। अमेरिका और ईरान के बीच हवाई हमलों का सिलसिला जारी रहने के कारण तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड 1% बढ़कर $85.09 प्रति बैरल हो गया, जबकि US क्रूड 1.2% बढ़कर $79.90 प्रति बैरल हो गया।