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मच्छरों से बनेगी वैक्सीन! निपाह-रेबीज़ वायरस फैला रहे चमगादड़ों का होगा इलाज

वैज्ञानिक अब मच्छरों से वैक्सीन बनाएंगे। इस वैक्सीन से किसका इलाज होगा? आइए जानते हैं।
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Updated: 17 Mar 2026, 12:27 PM IST
Vaccine
Vaccine (Representational Photo)

वैज्ञानिक ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं जिससे मच्छरों की मदद से चमगादड़ों के लिए वैक्सीन बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य रेबीज़ और निपाह जैसे घातक वायरस के इंसानों में फैलने के खतरे को कम करना है। रिसर्च में ऐसे मच्छरों का इस्तेमाल किया गया जिनकी लार में वैक्सीन जैसे तत्व मौजूद थे और जो चमगादड़ों को काटने या उनके द्वारा खाए जाने पर उनके शरीर में वैक्सीन पहुंचा सकते हैं। लैब में चूहों और चमगादड़ों पर इस तरीके को जांचा गया तो इनमें वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बन गईं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तरीका भविष्य में जानवरों से इंसानों में फैलने वाले संक्रमण को रोकने में मदद कर सकता है।

मच्छरों को वैक्सीन वाला खून पिलाया

रिसर्च में 'एडीज़ एजिप्टी' प्रजाति के मच्छरों को ऐसा खून पिलाया गया जिसमें निपाह या रेबीज़ वायरस के खिलाफ वैक्सीन मौजूद थी। यह वैक्सीन मच्छरों के शरीर में लार ग्रंथियों तक पहुंचीं। जब ये मच्छर चमगादड़ों को काटते हैं या चमगादड़ उन्हें खा लेते हैं तो वैक्सीन उनके शरीर में पहुंच जाती है।

कई चुनौतियां भी

कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि मच्छरों के जरिए वैक्सिनेशन को नियंत्रित करना मुश्किल है क्योंकि यह तय करना संभव नहीं कि मच्छर किसे काटेंगे। कुछ वैज्ञानिक इसके बजाय ऐसे 'ड्रिंक स्टेशन' बनाने के पक्ष में हैं जिनमें वैक्सीन मिला घोल रखा जाए और जिन्हें चमगादड़ आकर पी लें। ऐसा प्रयोग भी किया गया है। यह भी साफ नहीं है कि जिन चमगादड़ों में पहले से वायरस मौजूद है, उनमें वैक्सीनेशन से वायरस का प्रसार वास्तव में रुक पाएगा या नहीं।

Updated on:
17 Mar 2026, 12:27 PM IST
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