Venezuela Situation: वेनेज़ुएला मामले पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चिंता जताई है। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों से एक अपील भी की है।
वेनेज़ुएला (Venezuela) में जो कुछ हो रहा है, वो किसी से भी छिपा नहीं है। 3 जनवरी को अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर उनकी सेना ने वेनेज़ुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए देश की राजधानी काराकस समेत मिरांडा, अरगुआ और ला गुइरा शहरों में सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक्स की। अमेरिकी सेना की एयरस्ट्राइक्स में सैनिकों और नागरिकों समेत 40 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स यूनिट राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस (Cilia Flores) को किडनैप करके न्यूयॉर्क (New York) ले आई, जहाँ पर ड्रग्स की तस्करी और नार्को-आतंकवाद के मामलों में उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है। दुनियाभर के कई देशों ने इस वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमले को गलत बताया है तो कुछ देशों ने इसका समर्थन भी किया है।
भारत ने वेनेज़ुएला में हुए इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने संप्रभुता, गैर-हस्तक्षेप और अंतर्राष्ट्रीय कानून के सम्मान पर जोर देते हुए दोनों देशों को शांति से इस मामले को सुलझाने की सलाह दी।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने लक्ज़मबर्ग (Luxembourg) में एक कार्यक्रम में बात करते हुए कहा कि दोनों देशों को वेनेज़ुएला के लोगों की भलाई को ध्यान में रखते हुए बैठकर मीटिंग करनी चाहिए और आपसी बातचीत के ज़रिए शांति की स्थापना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा बेहद ज़रूरी है और दोनों देशों से इसे प्राथमिकता देने की अपील की। गौरतलब है कि भारत का मुख्य फोकस वेनेज़ुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा पर है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं।
डेल्सी रोड्रिगेज़ (Delcy Rodríguez), जो 2018 से वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति थीं, को ट्रंप प्रशासन की सहमति के बाद वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। उन्होंने सोमवार को वेनेज़ुएला की नेशनल असेंबली में अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ ली। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने उन्हें अमेरिकी हितों का ध्यान रखने की चेतावनी भी दी है। अब ट्रंप ने वेनेज़ुएला से 30-50 मिलियन बैरल कच्चा तेल बाज़ार मूल्य पर मांगा है। गौरतलब है कि लंबे समय से ट्रंप की नज़र वेनेज़ुएला के तेल भंडार पर है।