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शिया-सुन्नी के बीच भीषण हिंसा, मोर्टार-रॉकेट से हमला, 50 की मौत, 200 से ज्यादा घायल

Shia Sunni Violence: हैरानी की बात ये है कि शिय़ा सुन्नी के बीच हो रही इस हिंसा में रॉकेट., मोर्टार, गोले जैसे आधुनिक हथियारों से हमला किया जा रहा है।
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Shia Sunni Violence in Pakistan
Shia Sunni Violence in Pakistan

Shia Sunni Violence in Pakistan: पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम में स्थित कुर्रम जिले में शिया और सुन्नी इस्लामिक समुदाय के बीच भीषण हिंसा की खबर सामने आई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि इस हिंसा में 50 लोगों की मौत हो गई है और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इस घटना को पाकिस्तान की सबसे बड़ी हिंसक घटनाओं में गिना जा रहा है। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि ये हिंसा अब धीरे-धीरे पूरे पाकिस्तान में फैल रही है क्योंकि बीते दिन कुर्रम जिले के अलावा कई जिलों में शिया और सुन्नी समुदाय के बीच झड़प देखने को मिली हैं।

मोर्टार, रॉकेट, गोले तक बरसा रहे हैं

रिपोर्ट के मुताबिक ये विवाद 4 दिन पहले शुरू हुआ। कुर्रम में शिया और सुन्नी के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ। धीरे-धीरे ये झगड़ा पीवर, तांगी, बालिशखेल, खार कलाय, मकबल, कुंज अलीजई, पारा चमकानी और करमन समेत कई इलाकों में फैल गई। घटना के चश्मदीदों ने बताया कि ये दोनों समुदाय एक दूसरे पर मोर्टार गोले और रॉकेट लॉन्चर जैसे भारी और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

पूरे पाकिस्तान में दंगा

रविवार को अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में अस्थिर आदिवासी जिले में दो जनजातियों (शिया-सुन्नी) के बीच सशस्त्र टकराव हुआ। जिसमें अब तक 50 की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा घायल हैं। कुर्रम जिले का ये बोशेरा गांव जहां पर ये विवाद शुरू हुआ है वो, जनजातियों, धार्मिक समूहों और सांप्रदायिक हिंसा के साथ-साथ आतंकवादी हमलों के लिए भी जाना जाता है।

स्कूल-कॉलेज, बाज़ार सब बंद

कुर्रम के डिप्टी कमिश्नर जावेदुल्ला महसूद ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में पिछले पांच दिनों के दौरान हुए जनजातीय संघर्ष में मरने वालों की संख्या और घायलों की संख्या की पुष्टि की है। पुलिस ने बताया कि शिया और सुन्नी जनजातियों के बीच इस हिंसा को रोकने के लिए अधिकारी जा रहे हैं और शांति के साथ उनसे बातचीत कर रहे हैं। सफलतापूर्वक संघर्ष विराम पर बातचीत की गई है।

हालांकि जिले के दूसरे इलाकों में संघर्ष विराम के बावजूद गोलीबारी जारी रही। दंगों के लेकर सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और बाजा़र भी बंद कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी टुकड़ियों को तैनात किया गया है।