व्लादिमीर पुतिन ने पांचवीं बार रूस के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है।
रूस (Russia) में इसी साल 15 से 17 मार्च तक राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए। और जिस बात की सभी को उम्मीद थी, वैसा ही हुआ। 18 मार्च को आए नतीजों में व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने चुनाव में जीत हासिल करते हुए एक बार फिर से रूस का राष्ट्रपति बनना सुनिश्चित किया। चुनाव में पुतिन ने 87.67% वोटों के साथ बड़ी जीत दर्ज की। यह पांचवां मौका है जब पुतिन रूस के राष्ट्रपति बने हैं।
पुतिन ने ली शपथ
पुतिन ने आज, मंगलवार, 7 मई को एक बार फिर आधिकारिक रूप से रूस के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले ली है। लोकल समयानुसार यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू हुआ, जब भारत में दोपहर के ही 2:30 बज रहे थे। रूस के राष्ट्रपति के तौर पर पुतिन ने पांचवीं बार शपथ लेते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करने की, रूस के नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान और सुरक्षा करने की, रूस के संविधान का पालन करना और उसकी रक्षा करने की, रूस की संप्रभुता, स्वतंत्रता, सुरक्षा और अखंडता की रक्षा करने की और लोगों की ईमानदारी से सेवा करने की शपथ ली।
रूस का नेतृत्व करना पवित्र कर्तव्य
पुतिन ने पांचवीं बार रूस के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने के बाद कहा कि वह रूस का नेतृत्व करना एक पवित्र कर्तव्य मानते हैं और पूरी निष्ठा इस इस कर्तव्य का पालन करेंगे।
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