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4 अरब साल पहले भी धरती पर मौजूद था पानी, जानिए क्या कहती है ये नई रिपोर्ट?

शोधकर्ताओं के मुताबिक करीब पांच अरब साल पहले हमारे सौरमंडल का निर्माण शुरू हुआ। उस समय आकार ले रही पृथ्वी से कई एस्टेरॉयड्स और उल्का पिंडों की टक्कर हुई।

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Water was present on earth for 4 billion years

पृथ्वी (Earth) का तीन-चौथाई भाग पानी में डूबा है, लेकिन ताजा पानी का हिस्सा सिर्फ तीन फीसदी है। इंसान और जानवर पीने के लिए इसी ताजे पानी (Water) का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिक अब तक मानते थे कि पृथ्वी पर ताजे पानी की उत्पत्ति करीब 3.5 अरब साल पहले हुई। एक नए शोध में दावा किया गया है कि ताजा पानी पृथ्वी पर करीब चार अरब साल पहले भी मौजूद था।

चट्टानों की जांच में हुआ खुलासा

ऑस्ट्रेलिया (Australia) की कर्टिन यूनिवर्सिटी के भूवैज्ञानिकों का शोध नेचर जियोसाइंस जर्नल में छपा है। वैज्ञानिकों ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जैक हिल्स में प्राचीन क्रिस्टलों की जांच की। वहां की चट्टानों का निर्माण 4.4 अरब साल पहले हुआ था। यह पृथ्वी (Earth) की सबसे पुरानी स्थलीय सामग्री है। शोध के मुख्य लेखक हामेद गामालेल्डियन ने बताया, हमें हाइड्रोलॉजिकल चक्रकी उत्पत्ति के काल का पता चला। यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें पानी पृथ्वी के चारों तरफ घूमता है। यह हमारे ग्रह पर जीवन के लिए जरूरी है।

एस्टेरॉयड्स-उल्का पिंडों से मिली धरती को बर्फ

शोधकर्ताओं के मुताबिक करीब पांच अरब साल पहले हमारे सौरमंडल (Solar System) का निर्माण शुरू हुआ। उस समय आकार ले रही पृथ्वी से कई एस्टेरॉयड्स (Asteroids) और उल्का पिंडों की टक्कर हुई। ये अपने साथ बर्फ के रूप में पानी पृथ्वी पर लाए। ताजे पानी के कारण ही पृथ्वी बनने के साठ करोड़ सालों के भीतर जीवन की उत्पत्ति हुई।

सिद्धांत को चुनौती

जैक हिल्स के प्राचीन क्रिस्टलों में मौजूद ऑक्सीजन आइसोटोपों की जांच में शोधकर्ताओं ने पाया कि असामान्य रूप से हल्के आइसोटोपिक सिग्नेचर चार अरब साल पहले भी मौजूद थे। ऐसे हल्के ऑक्सीजन आइसोटोप आमतौर पर गर्म और ताजे पानी के कारण बनते हैं। पृथ्वी के इतने अंदर ताजे पानी के सबूत इस सिद्धांत को चुनौती देते हैं कि चार अरब साल पहले पृथ्वी पूरी तरह समुद्र से ढकी हुई थी।

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