What Is Pyrotechnic Device: पायरोटेक्निक डिवाइस वे उपकरण या सामग्रियां होती हैं जो रासायनिक प्रतिक्रिया से प्रकाश, ध्वनि, धुआं, चिंगारी या आग उत्पन्न करती हैं।
What Is Pyrotechnic Device: स्विट्जरलैंड के मशहूर स्की रिसॉर्ट क्रांस-मोंटाना में नए साल की जश्न के दौरान एक भयानक हादसा हो गया। 1 जनवरी 2026 को सुबह करीब 1:30 बजे लोकप्रिय 'ले कॉन्स्टेलेशन' बार में विस्फोट के बाद आग लग गई, जिसमें करीब 40 लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए। यह बार बेसमेंट में स्थित था और न्यू ईयर पार्टी में सैकड़ों लोग जश्न मना रहे थे।
पायरोटेक्निक डिवाइस वे उपकरण या सामग्रियां होती हैं जो रासायनिक प्रतिक्रिया से प्रकाश, ध्वनि, धुआं, चिंगारी या आग उत्पन्न करती हैं। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से आतिशबाजी (फायरवर्क्स), स्टेज शो में स्पार्कलर, कॉन्सर्ट में स्पेशल इफेक्ट्स या शैंपेन की बोतलों पर लगे स्पार्क फाउंटेन (चिंगारी वाले फव्वारे) के लिए किया जाता है। नाइटक्लबों में महंगे ऑर्डर पर बोतलों के साथ ऐसे 'कोल्ड स्पार्कलर' या 'आइस फाउंटेन' लगाए जाते हैं, जो ठंडी चिंगारियां उत्पन्न करते हैं। लेकिन अगर ये अनुचित तरीके से इस्तेमाल हों या छत जैसी ज्वलनशील सामग्री के पास लगें, तो ये आग का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इंडोर पायरोटेक्निक्स खतरनाक होते हैं क्योंकि ये तेजी से आग फैला सकते हैं।
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पार्टी के दौरान बोतलों पर लगे पायरोटेक्निक डिवाइस से छत में आग लग गई, जो तेजी से फैल गई। एक 19 साल के गवाह मेल्को ने स्विस मीडिया को बताया कि उन्होंने बोतलों पर ये डिवाइस देखे थे, जो जलते ही छत में आग लग गई। स्विस मीडिया आउटलेट ब्लिक ने रिपोर्ट किया कि कॉन्सर्ट के दौरान पायरोटेक्निक्स के इस्तेमाल से आग भड़की हो सकती है।
पुलिस ने शुरुआत में इसे 'अज्ञात कारण से विस्फोट' बताया, लेकिन बाद में इसे आग की घटना करार दिया। वैलेस कैंटन पुलिस कमांडर फ्रेडेरिक गिस्लर ने कहा कि "कई दर्जन लोग मारे गए" और समुदाय "स्तब्ध" है। अटॉर्नी जनरल बीट्राइस पिलौड ने जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से मना किया और कहा कि जांच जारी है। आतंकवाद की आशंका को खारिज कर दिया गया है।
बार में 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे, ज्यादातर पर्यटक। निकास सीमित होने से अफरा-तफरी मच गई और कई लोग आग व धुएं में फंस गए। घायलों को लॉजेन और जेनेवा के अस्पतालों में भर्ती किया गया है। पीड़ितों की पहचान और परिवारों को सूचना देने का काम चल रहा है।