
निताई रॉय चौधरी और तारिक रहमान। (फोटो- ANI)
तारिक रहमान ने बांग्लादेश में प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके कैबिनेट में केवल एक हिंदू शख्स को जगह मिली है। रहमान कैबिनेट में बीएनपी के हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी को मंत्री बनाया गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निताई रॉय चौधरी कौन हैं? उन्हें रहमान को क्यों मंत्री बनाना पड़ा है? तो इसका जवाब भी सामने आ गया है। दरअसल, निताई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के पुराने नेता हैं।
वह बीएनपी के वाइस चेयरमैन हैं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार भी माने जाते हैं। मुख्य वजह यही रही है कि निताई को मंत्री बनाना पड़ा है।
निताई रॉय का जन्म साल 1949 में मगुरा जिले में हुआ था। वे ढाका विश्वविद्यालय से पढ़े हैं। अब वह सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट हैं। उनका राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ, जहां वे छात्र यूनियन से जुड़े।
1988 में चौथे संसदीय चुनाव में वे जातीय पार्टी के टिकट पर मगुरा-2 से सांसद चुने गए। साल 1990 में एचएम इरशाद सरकार में निताई ने यूथ एंड स्पोर्ट्स मंत्री भी रह चुके हैं।
इरशाद सरकार के पतन के बाद वे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) में शामिल हुए और पार्टी में ऊंचे पदों पर पहुंचे। वर्तमान में वे BNP की केंद्रीय कमिटी के वाइस चेयरमैन हैं। वे BNP की नीति-निर्माण समिति के सदस्य भी हैं। 2026 के चुनाव में BNP टिकट पर मगुरा-2 से फिर जीत दर्ज की है।
निताई ने जमात-ए-इस्लामी उम्मीदवार को हराया है। तारिक रहमान की नई बीएनपी सरकार में उन्हें कल्चरल अफेयर्स या अन्य पोर्टफोलियो मिलने की संभावना है। वे हिंदू समुदाय के प्रभावशाली चेहरे हैं और अल्पसंख्यक अधिकारों के पक्षधर हैं।
Published on:
17 Feb 2026 06:23 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
