विदेश

2007 में क्यों जेल गए थे रहमान? आरोप ऐसा कि देश भर में मच गई खलबली, बाहर निकलते ही इस बहाने से भागे लंदन

Tarique Rahman Profile: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी जीत दर्ज की। पार्टी ने 297 घोषित सीटों में से 209 से अधिक सीटें जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 68-70 सीटें मिलीं। यह जीत 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के […]

2 min read
Feb 13, 2026
Tarique Rahman Profile

Tarique Rahman Profile: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी जीत दर्ज की। पार्टी ने 297 घोषित सीटों में से 209 से अधिक सीटें जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 68-70 सीटें मिलीं। यह जीत 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद पहला चुनाव है, जिसमें शेख हसीना की अवामी लीग भाग नहीं ले सकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी और लोकतांत्रिक बांग्लादेश के प्रति भारत का समर्थन दोहराया।

ये भी पढ़ें

रहमान से भारत में रह रही बांग्लादेशी पत्रकार ने कर दी भावुक अपील, कहा- महिलाओं को सेक्स स्लेव समझा गया, अब आप…

17 साल के लंदन निर्वासन के बाद लौटे ढाका

यह जीत BNP चेयरमैन तारिक रहमान के लिए ऐतिहासिक है। 17 साल के लंदन निर्वासन के बाद दिसंबर 2024 में ढाका लौटे तारिक ने पार्टी को एकजुट रखा और चुनाव अभियान का नेतृत्व किया। उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की दिसंबर 2024 में मृत्यु के बाद जनवरी 2025 में वे BNP चेयरमैन बने। तारिक 1965 (या 1967/68) में जन्मे, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं।

4 साल की उम्र में जेल!

1971 के स्वतंत्रता संग्राम की जंग के दौरान तारिक सिर्फ 4 साल के थे और उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी रखा गया था। 1975 में पिता की हत्या के बाद मां खालिदा जिया ने राजनीति संभाली। तारिक ने ढाका यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस पढ़ाई की, लेकिन राजनीति में 1988 से सक्रिय हुए।

2007 में 18 महीने की जेल

2001-2006 में BNP सरकार में वे 'हवा भवन' से चुनाव रणनीति बनाते थे, जिसे विवादास्पद माना जाता था। 2007 में सेना समर्थित सरकार में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार हुए, 18 महीने जेल में रहे और यातना का शिकार बताए जाते हैं। 2008 में रिहा होने के बाद लंदन चले गए, जहां 2012 में राजनीतिक शरण मिली। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी रिहाई राजनीति से दूर रहने की शर्त पर हुई थी। रिहा होने के बाद वे इलाज के लिए लंदन चले गए। 2018 में 2004 में हसीना की रैली पर हुए हमले की साजिश के मामले में तारिक को उनकी अनुपस्थिति में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। BNP इसे राजनीतिक साजिश मानती है।

14 फरवरी को लेंगे पीएम पद की शपथ

2024 के छात्र आंदोलन से हसीना सरकार गिरने के बाद तारिक की वापसी हुई। चुनाव में अवामी लीग बहिष्कृत रही, जबकि जमात-ए-इस्लामी मुख्य प्रतिद्वंद्वी थी। तारिक ने दर्जनों रैलियां कीं और पार्टी को मजबूत बनाया। अब वे 14 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, जो 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री होगा।

ये भी पढ़ें

चुनाव के बाद क्या अब शेख हसीना के बांग्लादेश प्रत्यर्पण और भारत में घुसपैठ बंद होने पर डील होगी ?

Updated on:
13 Feb 2026 06:37 pm
Published on:
13 Feb 2026 06:36 pm
Also Read
View All

अगली खबर