
Saudi Houthi Conflict: यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर दी है। यह कदम दोनों पक्षों के बीच कई सालों में पहली बार हुई गोलीबारी के बाद उठाया गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ने इस कदम को ईंट का जवाब पत्थर से देना बताया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज में लग गई, जिसके कारण चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। बाद में उन्हें एक टगबोट के जरिए बचाया गया।
हूती सैन्य प्रवक्ता ने इस कदम को ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ बताया है। उनका कहना है कि सऊदी अरब पहले से ही यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों की नाकेबंदी कर रहा है और हाल ही में सना एयरपोर्ट पर हमले किए हैं। इसी के जवाब में हूतियों ने सऊदी जहाजों के लिए समुद्र बंद करने का फैसला लिया है।
ईरान समर्थित हूतियों के सऊदी अरब पर तुरंत समुद्री नाकेबंदी के ऐलान से चार साल की शांति संधि टूट गई है। लाल सागर और भी खतरनाक हो गया है और क्षेत्र में मिसाइलें चल रही हैं। नाकेबंदी लागू कर दी गई है। सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ता तनाव एक बार फिर मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।
यमन के हूती विद्रोहियों के लाल सागर से सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी करने की घोषणा से मुख्य रूप से बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के जरिए सऊदी अरब से होने वाला तेल निर्यात बंद होने की आशंका है। जिससे असर से तेल की कीमतें जल्द ही बढ़ने की संभावना है।
पिछले सप्ताह सना एयरपोर्ट पर एक ईरानी विमान के उतरने की कोशिश के दौरान रनवे पर बमबारी की गई थी। इसके जवाब में हूतियों ने सऊदी अरब के अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइलें दागीं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के साथ-साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से बाब अल-मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर भी खतरा बना हुआ है। हूती गुट ने सऊदी अरब को किसी भी तरह की बेवकूफी न करने की धमकी देते हुए कहा कि, किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।