Maa Baglamukhi Mantra: मां बगलामुखी को माता पार्वती की दस महाविद्या में से 8वीं माना जाता है। माता का यह स्वरूप दुष्टों पर क्रोध करने वाला है, और इनकी कृपा जिस पर हो उसको हर संकट से मुक्ति मिल जाती है। विशेष रूप से आप पर किए गए तंत्र मंत्र, जादू टोना प्रेत बाधा है तो मां बगलामुखी के मंत्र रामबाण हैं। आइये जानते हैं माता के मंत्र कौन से हैं (Baglamukhi Mantra Jap Kaise Kare)।
Baglamukhi Mantra Jap Kaise Kare: वाराणसी के पुरोहित पं. शिवम तिवारी के अनुसार मां बगलामुखी की पूजा से सभी तरह के भय बाधा से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा तंत्र प्रहार, जादू टोना भूमि दोष से राहत मिलती (Maa Baglamukhi Mantra ) है। सवालाख बार इन मंत्रों का जाप मंत्रों को सिद्ध कर देता है और हर मनोकामना पूरी करता है। यहां तक की बंद हो रही फैक्ट्री के पुनर्जीवन में भी मां बगलामुखी का मंत्र कारगर है। आइये जानते हैं मां बगलामुखी का मंत्र
ॐ अस्य श्रीबगलामुखी ब्रह्मास्त्र मंत्रस्य भैरव ऋषि विराट् छन्दः श्री बगलामुखी देवता, क्लीं बीजम् ऐं शक्तिः श्रीं कीलकं श्री महामाया बगलामुखी वरप्रसाद सिद्धि द्वारा ममसर्वाभीष्ट सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ।
शिरसि, भैरव ऋषयेनमः । मुखे, विराट् छन्द से नमः । हृदि, गलामुखी देवतायै नमः । गुह्ये क्लीं बीजाय नमः। पादयो, एं शक्तये नमः । सर्वाङ्गे, श्रीं कीलकाय नमः ।
ये भी पढ़ेंः
साधना का मूल सिद्धान्त है कि देवता जैसा बन कर ही देवोपासना की जा सकती है। न्यास-विधान इसी का क्रियात्मक स्वरूप है। षडङ्गन्यास (अंगन्यास) से साधक का शरीर साधनार्थ योग्यता, साधक में देव-भाव की उत्पत्ति होती है।
ॐ ह्रीं ऐं श्रीं क्लीं अगुष्ठाभ्यां नमः । हृदयाय नमः । श्री बगलानने - तर्जनीभ्यां नमः ।
शिरसे स्वाहा । ममरिपूजन नाशय नाशय - मध्यमाभ्यां नमः । शिखायै वषट् । ममैश्वर्याणि देहि - देहि - अनामिकाभ्यांनमः । कवचाय हुँ ।
शीघ्रं मनोवांछितं कार्य साधय साधय कनिष्ठिकाभ्यां नमः नेत्रत्रयाय वौषट् ।
ह्रीं स्वाहा करतल करपृष्ठाभ्यां नमः अस्त्राय फट् ।
सौवर्णासन संस्थितां त्रिनयनां पीतांशुकोल्लासिनीम् ।
हेमाभाङ्ग रुचिं शशाङ्कमुकुटां सच्चम्पक प्रयुताम् ॥
हस्तैर्मुद्गर पाश वज्र रसनाः संविभ्रतीं भूषणैः ।
व्याप्ताङ्गीं बगलामुखीं त्रिजगतां संस्तम्भिनीं चिन्तयेत् ॥
ॐ ह्रीं ऐं श्रीं क्लीं श्री बगलानने मम रिपून नाशय - नाशय,
ममैश्वर्याणि देहि देहि शीघ्रं मनोवांछितं कार्यं साधय साधय ह्रीं श्रीं स्वाहा ॥
श्रीं ह्रीं ऐं क्लीं श्री बगलानने मम रिपून नाशय
नाशय ममैश्वर्याणि देहि देहि शीघ्रं मनोवांछितं
कार्यं साधय साधय ह्रीं श्रीं स्वाहा ॥
नोटः इन दोनों मंत्रों का विधि विधान से सवालाख जाप करने पर ये मंत्र सिद्ध हो जाते हैं और इससे हर मनोकामना पूरी होती है।
बगलामुखी के मंत्रों का जाप करने का सबसे अच्छा समय सुबह 4 बजे से 6 बजे का ब्रह्म मुहूर्त है। इस समय स्नान करने के बाद आसान पर बैठ जाएं और मां बगलामुखी की मूर्ति या तस्वीर पर पीले फूल से पूजा करें। अगर मूर्ति या तस्वीर नहीं है तो मानसिक रूप से मां का ध्यान कर उनके नाम से पीला फूल चढ़ा दें। अब एक जप माला पर जप शुरू करें। माता आपको सफलता देंगी।