
granade attack
(पत्रिका ब्यूरो,चंडीगढ़):अमृतसर के निकट निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को ग्रेनेड से हुए हमले की घटना ने साफ कर दिया है कि आईबी व कांउटर इंटैलीजेंस विंग की सूचना के बावजूद पुलिस अलर्ट नहीं थी। हमलावरों ने जिस स्थान को घटना अंजाम देने के लिए चुना वह उनके दृष्टिकोण से बेहद सुरक्षित था लेकिन साप्ताहिक सत्संग के दौरान भारी संख्या में लोगों के जुडऩे के बावजूद पुलिस ने यहां गश्त की कोई व्यवस्था नहीं की। निरंकारी मिशन के सेवादार ही अक्सर यहां न केवल ट्रैफिक व्यवस्था संभालते थे बल्कि अपने भवन की सुरक्षा भी वहीं संभालते थे।
पंजाब पिछले चार दिन से अलर्ट पर है। आईबी ने पाकिस्तान सीमा से सात आतंकियों के पंजाब में घुसने का दावा किया गया था। यही नहीं आईबी ने जैशे-ए-मोहम्मद के आतंकी जाकिर मूसा के भी घुसपैठियों में शामिल होने की सूचना दी थी। शुक्रवार को यह सूचना भी आई थी कि जाकिर मूसा व उसके कुछ साथियों को अमृतसर के निकट देखा गया है। इस सूचना के बावजूद अमृतसर में कहीं भी सतर्कता नहीं थी।
अमृतसर में देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। रविवार को इन पर्यटकों की संख्या अन्य दिनों के मुकाबले अधिक होती है। इसके बावजूद अमृतसर में कहीं कोई सतर्कता नहीं थी। जिस जगह पर ग्रेनेड से हमला हुआ है वह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा व भारत पाक सीमा के बेहद करीब है। दिलचस्प बात यह है कि सेना प्रमुख ने भी पिछले माह पंजाब में आतंकी गतिविधियों के तेज होने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद पंजाब पुलिस सतर्क नहीं थी। जिसके चलते अमृतसर में यह घटना हो गई।
मालुम हो कि अमृतसर में रविवार दोपहर अज्ञात युवकों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें निरंकारी समुदाय के 3 व्यक्तियों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन घायल हो गए। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
Published on:
18 Nov 2018 05:22 pm
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