
Guru Nanak Dev Hospital
अमृतसर (धीरज शर्मा)। पंजाब के अमृतसर में स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों का एक और हास्यास्पद मामला सामने आया है। जहां लोग करोना वायरस से बचने के लिए हर तरह की सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग कर्मी चंद पैसों के लिए लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में सामने आया है।
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आइसोलेशन वार्ड बनाना था
गुरु नानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को शिफ्ट करने का फैसला किया है। मेडिकल कॉलेज स्थित स्वामी विवेकानंद नशा एवं पुनर्वास केंद्र को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जाना था। इसके लिए स्वामी विवेकानंद नशा कोरोना संदिग्धों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड में तब्दील किया जा रहा था। इसके लिए टेंट हाउस से 100 गद्दे और तकिये मंगवाए गए थे। जैसे ही टेंट हाउस वाले को पता चला कि उसके टेंट हाउस का सामान कोरोना पीड़ितों के उपयोग के लिए मंगाया गया है, उसने पूरा सामान वापस मंगा लिया।
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टेंट हाउस संचालक ने क्या कहा
टेंट हाउस संचालक राजेश गुप्ता का कहना है- "मुझे यह बताया गया था कि पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से डॉक्टर आ रहे है और यहां रहेंगे। उन्हीं के लिए गद्दे मंगाए गए हैं। जब यह पता चला कि कोरोनावायरस से संदिग्ध मरीजों के लिए यह मंगाए गए हैं तो एक जागरूक नागरिक होने के कारण इसे वापस मंगा लिया। यह सामान कई लोग यूज करते हैं, ऐसे में इनसे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है।" वही टेंट हाउस की तरफ से सामान वापस मंगाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे हुए है। अमृतसर में अर्बन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ढाब खटीकां, अर्बन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर नारायणगढ़ छेहर्टा में नए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। तीनों आइसोलेशन वार्ड में करीब 500 बेड लगाए गए हैं।
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Published on:
15 Mar 2020 04:06 pm
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