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अमरोहा में मस्जिद विवाद पर खून-खराबा: नई परंपरा को लेकर देवबंदी-बरेलवी आमने-सामने, चले लाठी-डंडे और तमंचे

Amroha News: अमरोहा के तेलीपुरा माफी गांव में मस्जिद में नई परंपरा को लेकर देवबंदी और बरेलवी गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और तमंचों से हुए संघर्ष में कई लोग घायल हुए, जबकि पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

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amroha mosque dispute deobandi barelvi clash

अमरोहा में मस्जिद विवाद पर खून-खराबा | Image Video Grab

Mosque dispute deobandi barelvi clash Amroha:उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में मस्जिद से जुड़ा एक पुराना विवाद सोमवार को हिंसक टकराव में बदल गया। अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के तेलीपुरा माफी गांव में देवबंदी और बरेलवी गुटों के बीच मस्जिद में नई परंपरा शुरू करने को लेकर जमकर मारपीट हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और तमंचों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

हथियारों के इस्तेमाल से गांव में फैली अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झगड़े के दौरान खुलेआम तमंचे लहराए गए और धारदार हथियारों से हमले किए गए। पथराव की वजह से आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा। अचानक भड़की हिंसा से ग्रामीण अपने घरों में दुबक गए और गांव की गलियां कुछ देर के लिए सुनसान हो गईं। हालात इतने बिगड़ गए कि मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से संभले हालात

घटना की सूचना मिलते ही अमरोहा देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही अधिकांश आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। एहतियातन गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि दोबारा कोई तनाव न पनप सके।

15 साल पुरानी सहमति टूटी, फिर भड़का विवाद

तेलीपुरा माफी गांव में देवबंदी और बरेलवी समुदाय के लोग वर्षों से साथ रहते आ रहे हैं। गांव की इसी मस्जिद को लेकर करीब 15 साल पहले दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी थी कि मस्जिद के भीतर कोई नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। इस समझौते के बाद लंबे समय तक शांति बनी रही, लेकिन सोमवार को इसी सहमति के टूटने से हालात अचानक विस्फोटक हो गए।

फज्र की नमाज के बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह देवबंदी समुदाय से जुड़े जुबेर अहमद फज्र की नमाज अदा करने मस्जिद पहुंचे थे। नमाज के बाद बरेलवी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले तसद्दुक उर्फ इमरान, सिकंदर, अल्ताफ, इलियास, शाहिद, फिरोज, अजनबी, नूर और अलाउद्दीन ने मस्जिद में एक नई धार्मिक परंपरा शुरू कर दी।

विरोध करते ही जुबेर अहमद पर हमला

जुबेर अहमद ने जब नई परंपरा का विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर धारदार हथियारों, तमंचे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शोर सुनकर जब उनके परिवार के सदस्य बचाने पहुंचे तो हमलावरों ने उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट की और पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में जुबेर अहमद और उनके परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

10 नामजद, 6 आरोपी गिरफ्तार

सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि इस मामले में तसद्दुक उर्फ इमरान, सिकंदर, अल्ताफ, इलियास, साजिद, शाहिद, फिरोज, अजनबी, नूर और अलाउद्दीन के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें तसद्दुक उर्फ इमरान, सिकंदर, अल्ताफ और इलियास सगे भाई हैं। पुलिस ने उजैर, परवेज, इमरान, नदीम, अलाउद्दीन और साजिद को गिरफ्तार कर शांति भंग की कार्रवाई की है।