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लखनऊ लाठीचार्ज के खिलाफ अमरोहा में कांग्रेस का सत्याग्रह, गांधी प्रतिमा पर लोकतंत्र की हुंकार

Amroha News: लखनऊ में मनरेगा बहाली आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में अमरोहा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पर एकदिवसीय सत्याग्रह किया।

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अमरोहा में कांग्रेस का सत्याग्रह..

Congress Satyagraha Amroha: अमरोहा नगर में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज की घटना के विरोध में एक दिवसीय सत्याग्रह कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिलाध्यक्ष ओमकार कटारिया के नेतृत्व में आयोजित इस सत्याग्रह में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन अमरोहा स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पर किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता को नमन करते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प लिया।

मनरेगा बहाली आंदोलन बना विरोध की वजह

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 17 फरवरी को लखनऊ में मनरेगा बहाली आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया था, जिससे कई कार्यकर्ता घायल हुए। इसी घटना के विरोध में अमरोहा में सत्याग्रह आयोजित किया गया। नेताओं का कहना था कि रोजगार से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया कार्रवाई निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग का सहारा ले रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

हाथों में तख्तियां, जुबां पर लोकतंत्र का सवाल

सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर लोकतंत्र की रक्षा, मनरेगा बहाली और लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र की आत्मा है और इसे कुचलने की कोशिश संविधान पर सीधा हमला है। नेताओं ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी और मनरेगा जैसी योजनाओं में कटौती आम जनता के अधिकारों पर कुठाराघात है, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।

सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि विरोध की आवाज को दबाने के लिए लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई करना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। नेताओं ने कहा कि जब नागरिक अपने अधिकारों की बात करते हैं तो सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि बल प्रयोग का। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं।

राष्ट्रपति को ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

सत्याग्रह के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लखनऊ में हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई। नेताओं का कहना था कि जब सरकारें जनता की आवाज दबाने लगें, तब उनके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना जरूरी हो जाता है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन, प्रशासन रहा मुस्तैद

पूरे सत्याग्रह कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सत्याग्रह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एक प्रतीकात्मक आंदोलन है और आगे भी कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। अमरोहा में हुए इस सत्याग्रह के जरिए कांग्रेस ने लखनऊ लाठीचार्ज के खिलाफ अपना राजनीतिक संदेश स्पष्ट रूप से दिया।