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Amroha: मृत घोषित युवक की लौटी धड़कन, परिवार में खुशी की लहर, सड़क हादसे के बाद गाजियाबाद में घोषित हुई थी मौत

Amroha News: यूपी के अमरोहा में सड़क हादसे में घायल युवक को गाजियाबाद में मृत घोषित कर दिया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम के लिए ले जाते वक्त उसकी धड़कनें लौट आईं..

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नालंदा में सनकी पति ने ली पत्नी की जान (प्रतीकात्मक फोटो)

Heartbeat of youth declared dead returned amroha: अमरोहा के हसनपुर मार्ग पर हुए एक सड़क हादसे में घायल हुए युवक को गाजियाबाद के एक अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था। लेकिन जब पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसकी दिल की धड़कनें वापस लौट आईं। यह खबर सुनते ही मातम में डूबा परिवार खुशी से झूम उठा। युवक को तत्काल अमरोहा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब भी उसका इलाज जारी है।

सांड़ की टक्कर से हुई थी दुर्घटना

यह घटना रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव हाफिजपुर निवासी 40 वर्षीय मुनिदेव के साथ सोमवार रात घटी। मुनिदेव हसनपुर से बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में रझौहा के पास पेट्रोल पंप के नजदीक सड़क पर घूम रहे एक बेसहारा सांड़ से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में मुनिदेव गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर पर पहना हेलमेट भी टूटकर गिर गया।

गंभीर हालत में गाजियाबाद किया गया था रेफर

घटना के बाद मुनिदेव को हसनपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। स्वजन उन्हें गाजियाबाद के एक अस्पताल में ले गए। पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर उन्हें इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया गया। मौत की सूचना मिलने पर हसनपुर पुलिस को जानकारी दी गई।

पोस्टमार्टम से पहले लौटी धड़कनें

हसनपुर प्रभारी निरीक्षक वरुण कुमार ने स्वजनों से कहा कि अगर पोस्टमार्टम कराना हो तो शव को सीधे मोर्चरी ले जाएं। लेकिन इसी दौरान युवक के दिल की धड़कनें लौट आईं। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल अमरोहा लाया गया, जहां वह फिलहाल भर्ती है।

कोमा में है मुनिदेव, हायर सेंटर के लिए रेफर की तैयारी

सीएमएस डॉ. अश्विनी कुमार भंडारी ने बताया कि मुनिदेव मस्तिष्क मृत्यु (ब्रेन डेड) की स्थिति में हैं और कोमा में हैं। उनकी स्थिति गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करने की प्रक्रिया चल रही है।

मौत की खबर से चीख-पुकार, फिर ईश्वर से प्रार्थना

मंगलवार को जब मुनिदेव की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। रिश्तेदार भी घर पर इकट्ठा हो गए और शव के आने का इंतजार करने लगे। लेकिन थोड़ी देर बाद जैसे ही दिल की धड़कनें लौटने की सूचना मिली, पूरा माहौल बदल गया। मातम की जगह अब दुआओं और उम्मीदों ने ले ली है। मुनिदेव के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।