
साबुन फैक्टरी की आड़ में चल रहा था विस्फोटक कारोबार | Image Video Grab
UP News Today In Hindi: यूपी के अमरोहा जिले के ग्राम मलेशिया में शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वेव शुगर मिल के यार्ड के पास स्थित एक साबुन फैक्ट्री से अचानक धुआं उठने लगा। कुछ ही पलों में हल्के-हल्के धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे कर्मचारी खतरे को भांपते हुए जान बचाकर बाहर की ओर भाग खड़े हुए।
धमाकों की गूंज सुनते ही आसपास के ग्रामीण सहम गए और लोग घरों से बाहर निकल आए। किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए तत्काल सूचना प्रशासन और दमकल विभाग को दी गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही वेव शुगर मिल परिसर में खड़ी दमकल गाड़ी को तुरंत फैक्ट्री की ओर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए आग को फैलने से पहले काफी हद तक नियंत्रित कर लिया। इसके बाद गजरौला से पहुंची अतिरिक्त दमकल गाड़ियों ने संयुक्त प्रयास से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग बुझने के बाद जब प्रशासन और पुलिस ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि साबुन निर्माण की आड़ में यहां अवैध रूप से हल्की आवाज वाले पटाखों, विशेष रूप से सिगरेट बम की पैकिंग की जा रही थी। यह गतिविधि न केवल नियमों का उल्लंघन थी, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी विभा श्रीवास्तव और पुलिस क्षेत्राधिकारी अंजलि कटारिया मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर का बारीकी से मुआयना किया और प्रारंभिक जांच के आधार पर फैक्ट्री संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि ग्राम मलेशिया स्थित कनिषा सुवी इंडस्ट्री का जीएसटी पंजीकरण सर्फ-साबुन फैक्ट्री के नाम से है। जबकि वास्तविकता में यहां बच्चों द्वारा छोड़े जाने वाले सिगरेट बम की पैकिंग और भंडारण किया जा रहा था। पंजीकरण और वास्तविक गतिविधियों में भारी अंतर मिलने से कई विभागों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
आग की घटना के बाद फैक्ट्री परिसर से बड़ी मात्रा में सिगरेट बम बरामद किए गए। संभावित खतरे को देखते हुए दमकल विभाग ने सभी सिगरेट बमों को सुरक्षा मानकों के तहत मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि यह अवैध पटाखा फैक्ट्री मलेशिया पुलिस चौकी से महज कुछ ही दूरी पर स्थित थी। इसके बावजूद करीब एक साल से यहां सिगरेट बम की पैकिंग का अवैध कारोबार बेरोकटोक चल रहा था।
एसडीएम विभा श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री सर्फ-साबुन के नाम पर पंजीकृत थी, लेकिन अवैध रूप से सिगरेट बम की पैकिंग और भंडारण किया जा रहा था। इस मामले में आरोपित फर्म संचालक मोनू के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है और संबंधित विभागों को भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
06 Jan 2026 08:32 am
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