
Mahashivratri: महाशिवरात्रि से पहले उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक मुस्लिम महिला बुर्का पहनकर कांवड़ लेने जा रही है। इसे गंगा-जमुनी तहज़ीब का एक जीता-जागता उदाहरण कहा जा सकता है। दरअसल, महिला का नाम तमन्ना बताया जा रहा है। जहां-जहां से महिला कांवड़ लेकर गुजर रही थी, उस रास्ते में शिवभक्तों ने उस पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
शुक्रवार को संभल जिले के बदनपुर वसई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक बुर्का पहनकर और माथे पर तिलक लगाए कांवड़ लेकर जिले की सीमा से गुजरीं। जैसे ही इसकी सूचना मिली, नौगावां सादात पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए। शिवभक्तों का जत्था जब जिले की सीमा में दाखिल हुआ, तो पुलिस बल ने पूरे रास्ते निगरानी रखते हुए उन्हें सुरक्षित आगे की ओर रवाना किया। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिसकर्मी लगातार जत्थे के साथ चलते रहे और सीमावर्ती क्षेत्र तक सुरक्षित पहुंचाकर ही दम लिया। कांवड़ लेकर जा रहे लोगों ने बताया कि माथे पर तिलक लगाकर बुर्के में कांवड़ लेकर जाने वाली महिला का नाम तमन्ना मलिक है और वह संभल जिले की रहने वाली है।
रविवार को महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़िये शिवालयों की ओर लौट रहे हैं, जहां वे भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। चारों ओर “बम-बम भोले” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने हाईवे और मंडी धनौरा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है, जबकि हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं। नेशनल हाईवे पर फिलहाल यातायात एकतरफा चलाया जा रहा है। शिवभक्त नाचते-गाते अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं और सड़कों पर हर तरफ शिव नाम का उद्घोष सुनाई दे रहा है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस टीम रातभर यात्रा मार्गों पर गश्त कर रही है और कांवड़ यात्रा की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख पर्व है, जिसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पावन विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए यह तिथि वैवाहिक जीवन, भक्ति और तप का प्रतीक मानी जाती है। एक अन्य धार्मिक विश्वास के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विष का पान किया था और स्वयं को ध्यान में लीन किया था। इस कारण भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध व बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करते हैं, ताकि जीवन में सुख, शांति और कल्याण प्राप्त हो सके।
Updated on:
14 Feb 2026 11:18 am
Published on:
14 Feb 2026 11:17 am
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