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तिगरी गंगा किनारे बनेगा नया पर्यटन हब: 15 एकड़ जमीन की तलाश शुरू, सालभर गुलजार रहेगा इलाका

Amroha News: यूपी के अमरोहा के तिगरी गंगा किनारे को पर्यटन स्थल बनाने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। सेंचुरी क्षेत्र की बाधा के बाद अब किसानों की 10-15 एकड़ जमीन तलाशने के लिए कमेटी गठित की गई है, जिससे सालभर पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

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तिगरी गंगा किनारे बनेगा नया पर्यटन हब..

Tigri Ganga Tourism Amroha: अमरोहा में तिगरी गंगा किनारे को एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने नई पहल शुरू कर दी है। पहले जिस जमीन को चिन्हित किया गया था, वह वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र में आने के कारण प्रस्ताव को रद्द करना पड़ा था। अब पर्यटन निदेशालय ने इस बाधा को दूर करने के लिए नई रणनीति तैयार की है।

सेंचुरी क्षेत्र बना बाधा का कारण

पूर्व में चिन्हित भूमि राज्य पशु बारहसिंघा वन्यजीव अभयारण्य की सीमा में पाई गई थी। नियमों के अनुसार इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक निर्माण करने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमति आवश्यक होती है, जिसके चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और प्रशासन को प्रस्ताव वापस लेना पड़ा।

नई कमेटी का गठन और जिम्मेदारी

अब पर्यटन निदेशालय ने एसडीएम धनौरा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में पर्यटन, वन, सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी का मुख्य कार्य तिगरीधाम के आसपास उपयुक्त भूमि का चयन करना है।

किसानों की जमीन पर रहेगा फोकस

यह समिति तिगरीधाम से 1 से 2 किलोमीटर के दायरे में किसानों की 10 से 15 एकड़ जमीन तलाशेगी। प्रयास रहेगा कि जमीन सेंचुरी क्षेत्र से बाहर हो, ताकि किसी प्रकार की अनुमति में बाधा न आए और विकास कार्य तेजी से शुरू हो सके।

आपसी सहमति से होगी जमीन खरीद

प्रशासन का लक्ष्य है कि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जाए। इसके लिए समिति सीधे किसानों से बातचीत करेगी, जिससे प्रक्रिया आसान और विवाद रहित रहे।

तिगरी गंगा मेला बनेगा मुख्य आकर्षण

तिगरीधाम पर हर साल लगने वाला ऐतिहासिक गंगा मेला इस परियोजना का प्रमुख आधार है। इस मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और गंगा किनारे अस्थायी तंबुओं का विशाल शहर बस जाता है, जिससे यह क्षेत्र आस्था और पर्यटन दोनों का केंद्र बन जाता है।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

प्रशासन का मानना है कि यदि इस क्षेत्र को स्थायी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है, तो सालभर यहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

प्रशासन और पर्यटन विभाग की संयुक्त पहल

डीएम निधि गुप्ता वत्स के अनुसार, पर्यटन विकास के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। समिति द्वारा जमीन चिन्हित करने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे तिगरी गंगा किनारे को एक आधुनिक और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।