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80 दिन बाद मां नर्मदा मंदिर अमरकंटक का खुला द्वार, श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

सुबह 8.30 बजे खोला परिसर का ताला, विधायक सहित नगरवासी पहुंचे मंदिर

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80 days later, mother Narmada temple Amarkantak's open door, devotees

80 दिन बाद मां नर्मदा मंदिर अमरकंटक का खुला द्वार, श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद

अनूपपुर। कोरोना संक्रमण से श्रद्धालुओं के बचाव में धार्मिक स्थलों पर की गई तालाबंदी में 60 दिन बाद 10 जून की सुबह पुन: अमरकंटक स्थित मां नर्मदा उद्गम मंदिर परिसर का दरवाजा श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। नगरीय प्रशासक पवन साहू ने एसडीएम पुष्पराजगढ़ विजय कुमार डहेरिया के दिए निर्देश में सुबह ८.३० बजे मंदिर परिसर का ताला खोला। प्रशासनिक निगरानी में खुलवाए गए ताला के दौरान सीएमओ पवन साहू, मनोज तिवारी, पर्यटक थाना प्रभारी मुन्ने लाल परस्ते, एएसएफ दल के जवान, स्वास्थ्य विभाग अमला,संदीप सिंह, नर्मदा मंदिर पुजारी, जुगुल द्विवेदी, श्यामलाल सेन सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ताला खुलने के बाद मंदिर के पुजारियों सहित व्यवस्थापकों व श्रद्धालुओं ने मंदिर द्वार पर सिर झुका नमन किया और मंदिर परिसर में प्रवेश किया। माता के मंदिर में पुजारियों द्वारा माता नर्मदा का विशेष पूजन अर्चन और प्रसाद का भोग लगाया गया। मां नर्मदा का दर्शन और आशीर्वाद लेने क्षेत्रीय विधायक फूंदेलाल सिंह मार्को भी मंदिर परिसर पहुंचे, जहां मंदिर में प्रवेश कर माता का दर्शन किया और आशीष ली। वहीं नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों व बाहर से आए कुछ पर्यटकों ने भी माता का दर्शन किए। माता के दरबार के पुन: खोले जाने के बाद श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल बना रहा, खासकर दुकानदारों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि अब श्रद्धालुओं की आवाजाही में रोजी रोटी की व्यवस्था पुन: बन आएगी, व्यापारी दुकान संचालन कर सकेंगे। वहीं लम्बे अर्से बाद माता के द्वार आम नागरिकों के लिए खोले जाने की सूचना से अंजान बाहरी भक्तों की उपस्थिति नहीं बन सकी। मंदिर परिसर का दरवाजा खुलने के उपरांत दर्शन के पहुंचे श्रद्धालुओं ने पहले साबुन से हाथ धोएं, इसके बाद मुख्य द्वार पर इंफ्रारेट थर्मोमीटर से स्क्रीनिंग कराया गया और सोशल डिस्टेसिंग के लिए बनाए गए गोल घेरे के निशान के अनुसार ही मंदिर में प्रवेश किया। हालंाकि शासकीय निर्देश में मंदिर में नारियल, प्रसाद, चावल, चुनरी सहित अन्य सामग्रियों को ले जाना वर्जित किया गया है। श्रद्धालु मंदिर गेट के पास ही प्रसाद के रूप में चढ़ाए जाने वाले नारियल को खुद तोड़ सकेंगे। वहीं मंदिर में पुजारियों द्वारा तिलक भी नहीं लगाया जाएगा।
बॉक्स: श्रद्धालुओं के लिए निर्देश
सभी श्रद्धालुओं द्वारा मास्क/ फेस कवर से चेहरे को ढंककर रखना, मूर्ति/धार्मिक ग्रंथ को नहीं स्पर्श, प्रसाद/चरणामृत छिडक़ाव का वितरण वर्जित, आरती की थाली/ मूर्ति पर चढावा कैश न देना, डिजिटल ट्रांसफर ऑफ मनी को प्राथमिकता, दान पेटी में दान। धार्मिक प्रतिष्ठान में फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर, चूनरी चढ़ाने की अनुमति नहीं, मन्दिर में घंटी बजाने की अनुमति नही, रेलिंग को स्पर्श नहीं और अधिक भीड़ बडी संख्या में लोगों को एकत्रित होने की अनुमति नहीं होगी।
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