
अनूपपुर. अमरकंटक के रामघाट में पर्यटन गतिविधि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा नर्मदा नदी के दोनों तट को जोडऩे के लिए सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। ब्रिज न होने के कारण उत्तर और दक्षिण तट में आवागमन के लिए लोगों को काफी घूम कर जाना पड़ता था। ब्रिज का निर्माण होने के बाद चंद कदम का फासला तय करते हुए नर्मदा नदी को पार कर उत्तर से दक्षिण तक की ओर श्रद्धालु जा सकेंगे। प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए पहुंचने वाले सैलानियों को जल्द ही यह सुविधा मिलेगी। रामघाट में सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण 10 करोड रुपए की लागत से किया जा रहा है। इसका कार्य इंदौर की फर्म को दिया गया है। ब्रिज के कार्य पूर्ण हो जाने से अमरकंटक में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। अभी तक श्रद्धालुओं को नर्मदा नदी के उत्तर तक से दक्षिण तट तक जाने के लिए सकरे पुल से होकर जाना पड़ता था। ब्रिज बनने से सैकड़ंों लोग एक साथ आवागमन कर सकेंगे।
ऋषिकेश के राम और लक्ष्मण झूला की तर्ज पर हो रहा तैयार
पवित्र नगरी अमरकंटक में सस्पेंशन ब्रिज निर्माण का कार्य ऋषिकेश के राम और लक्ष्मण झूला की तर्ज पर किया जा रहा है। जिस तरह से ऋषिकेश में ये दोनों पुल निर्मित किए गए हैं उसी तरह इसका निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। अमरकंटक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं धार्मिक नगरी है जहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा यह कार्य कराया जा रहा है।
पिलर निर्मित होने के बाद सस्पेंशन ब्रिज का कार्य होगा प्रारंभ
वर्तमान में निर्माण एजेंसी द्वारा नर्मदा तट के दोनों तरफ सस्पेंशन ब्रिज के सपोर्ट के लिए पिलर का निर्माण कराया जा रहा है जिसका कार्य पूरा होते ही सस्पेंशन ब्रिज का इंस्टॉलेशन तथा टेस्टिंग और कमीशनिंग का कार्य किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अगले वर्ष तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अगले वर्ष के अंत तक इसका लाभ भी मिलने लगेगा।
सस्पेंशन ब्रिज निर्माण कार्य प्रारंभ है, ऋषिकेश की तर्ज पर इसका निर्माण किया जा रहा है। 2025 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। सोमपाल सिंह, उपयंत्री पर्यटन विकास निगम अमरकंटक
Published on:
01 Sept 2024 12:07 pm
बड़ी खबरें
View Allअनूपपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
