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जमीन पर हो रहे कब्जे से माफिया के खिलाफ भड़का आदिवासी समुदाय

गोंड समाज महासभा कमेटी ने सत्रह सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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Adivasi communities flare up against Mafia by occupying land

Adivasi communities flare up against Mafia by occupying land

कोतमा/ अनूपपुर. गोंड समाज महासभा कमेटी के जिला अध्यक्ष ध्यान सिंह श्याम की अगुवाई में सैकडो की तादात में आदिवासी परिवारों ने 7 दिसम्बर की शाम को रैली निकालकर कोतमा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें राष्ट्रपति, राज्यपाल, अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भारत सरकार एवं अध्यक्ष मप्र. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग भोपाल के नाम एसडीएम को पत्र सौंपा। एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में गोंड समाज व कमेटी के कार्यकर्ताओं ने आदिवासी गोंड समाज के परिजनों पर दबंगों एवं कोल प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत लिखी। जिसकी शिकायत किए जाने के बाद भी मामले में किसी अधिकारी द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने की बात कही। कमेटी का कहना है कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है, जिसपर दबाव डालकर किए जा रहे कब्जा तथा प्रशासन की अनदेखी के कारण गोंड समाज के परिवार लगातार प्रताडि़त हो रहे हैं। पत्र में उल्लेखन किया गया है कि गोंड समाज के श्याम सिंह गोंड के निजी भूमि आराजी खसरा नं.48/2, 95/2, 1/1 पर ग्राम डोगरिया कला में बिजुरी निवासी नीतिश गोयनका पिता सज्जन गोयनका एवं जगदीश केवट के द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है। जिसमें स्टोन क्रेशर स्थापित कर पत्थर उत्खनन किया जा रहा है। जबकि एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्र के आमाडांड एवं हरद दैखल खुली खदान में आदिवासियों की गोंड समाज के निजी भूमि को भी अधिग्रहित कर लिया गया है, एवं कोयला उत्पादन कर लेने के उपरांत आजतक प्रभावित भू-स्वामियों के आश्रितो को नौकरी नहीं दी गई। साथ ही मुआवाजा भी नहीं दिया गया। जबकि आदिवासियों की निजी भूमि पर गैर आदिवासियों को अपात्र होने के बावजूद भी नौकरी दी गई। ज्ञापन के द्वारा मांग की गई है कि सभी सत्रह सूत्रीय मांग को जल्द निराकरण किया जाए, नहीं तो गोंड समाज उग्र आंदोलन के लिए वाध्य होगी।

जमीन पर कब्जे से परेशान स्वामी ने मांगी प्राण त्यागने की इजाजत
अनूपपुर. नगरपालिका वार्ड क्रमंाक 13 निवासी शिवनारायण चतुर्वेदी पिता चंद्रशेखर प्रसाद चतुर्वेदी ने अपनी पुश्तैनी जमीन खसरा नम्बर 82.3, 63.3, 84.3 पर वार्ड के ही कमलेश प्रजापति पिता नर्बदा प्रजापति द्वारा जबरन भवन निर्माण कराए जाने से परेशान होकर कलेक्टर के नाम शिकायती पत्र देकर प्राण त्यागने की इजाजत की मांग की। जिसमें पीडि़त का कहना है कि उसकी जमीन शासकीय रिकार्ड में उसके नामों पर दर्ज है। जहां कमलेश प्रजापति द्वारा मकान बनाते हुए जान से मारने की धमकी दी जा रही है। साथ ही महिलाओं की आड़ में थाना में शिकायत दर्ज कराने की बात कहता है। हमारे पास पुश्तैनी जमीनों में मात्र इतना ही है। जबकि कमलेश ने गलत जानकारी देकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि मंजूर करा ली है। कमलेश के पास पक्का स्वंय का मकान है तथा कई किराए के मकान भी संचालित करता है। अगर प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह १५दिसम्बर को अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अपने प्राण त्यागने को मजबूर होगा। जिसपर कलेक्टर ने तत्काल ही मामले को सीएमओ अनूपपुर को सौंपकर मामले की जंाच कराने के निर्देश दिए।