
स्टेट एडवेंचर प्रोग्राम में स्काउट गाईड के बच्चे अमरकंटक में कर रहे साहसिक गतिविधियां
अमरकंटक। भारत स्काउट गाईड मध्यप्रदेश द्वारा स्टेट एडवेंचर प्रोग्राम का आयोजन ७ मई से ११ मई तक अमरकंटक में आयोजित किया गया। जिसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से १०० से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। स्टेट एडवेंचर शिविर का आयोजन ७ मई से आरम्भ किया गया। शिविर के प्रथम दिन ६ किलोमीटर का ट्रेक कर श्रीनर्मदा मंदिर का भ्रमण कराया गया। जबकि दूसरे दिन २४ किलोमीटर की ट्रैकिंग की गई। इसमें अमरकंटक में माई की बगिया से माई की मडिया तक का दुर्गम ट्रेक सभी प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक पूरा किया। जबकि अंतिम दिन ११ मई को रैप्लिंग एवं रोप बैलेंसिंग की गतिविधियां दुर्गाधारा पर कराई गई। शिविर का संचालन राजेश मेवाडे स्टेट एडवेंचर प्रभारी भारत स्काउट गाईड मप्र द्वारा किया गया। जबकि प्रशिक्षकों में ललिता मिश्रा, मंशीलाल अहिरवार, डीसी मिश्रा, शालू राव शामिल रहें। राजेश मेवाडे के अनुसार इस एडवेंचर शिविर में एडवेंचर गतिविधियां हाईकिंग, ट्रैकिंग, रॉक क्लाईम्बिंग, रैप्लिंग, रोप बैलेंसिंग, बिना बर्तन खाना बनाना जैसी गतिविधिओं के साथ साथ आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण बच्चों को सिखाया गया।
____________
किसान समस्याओं को लेकर किसान एकता संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल ११ वें दिन भी जारी
अनूपपुर। किसान समस्याओं को लेकर अपनी पांच सूत्री मांगों में पिछले १ मई से इंदिरा तिराहा पर आमरण अनशन कर रहे किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन एवं अनशन का दौरान शुक्रवार को ११ वें दिन भी जारी रहा। जहां बार बार किसानों के बिगड़ते स्वास्थ्य को डॉक्टरों द्वारा सुधार किया जा रहा है। वहीं किसान नाराजगी में किसी अव्यवस्था की स्थिति नहीं बने कोतवाली पुलिस द्वारा लगातार निगरानी बरती जा रही है। यही कारण है कि ८ मई से आमरण अनशन पर बैठे किसानों में कुछ की हालत बिगडऩे पर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने चेकअप कर खाना और पानी की सलाह की। लेकिन अनशनकारियों ने बिना अपनी मांगों को पूरा किए अनशन समाप्त करने से मनाही कर दी। किसान एकता संघ अध्यक्ष राकेश पटेल का कहना है कि हमारी मांगे किसान को अपने हर कृषि उत्पाद का भाव लागत से हिसाब से खुद तय करने का मौका मिले, समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय हो, सरकार सामानांतर खरीद का विकल्प रखे, ताकि व्यापारी समर्थन मूल्य से नीचे अनाज बेचने किसान को मजबूर नहीं करें, मवेशी से फसल बचाव में ग्राम पंचायतों में गौशालाओं का निर्माण, तथा व्यापारी और उद्योगपति की तरह किसानों के भी कर्ज माफ करने की मांग शामिल हैं। उनका कहना है कि जबतक किसान समस्याओं को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, आमरण अनशन जारी रहेगा।
Published on:
12 May 2018 08:45 pm

बड़ी खबरें
View Allअनूपपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
