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ना ठेका, ना दुकान… सीधे दरवाजे तक पहुंच रही शराब, खतरे में धार्मिक स्थल की पवित्रता

mp news: सरकार के प्रतिबंध के बावजूद एमपी के धार्मिक स्थल में शराब की अवैध होम डिलीवरी धड़ल्ले से जारी है। घाटों से लेकर मंदिरों तक नशे के चलते पवित्रता खतरे में है। (alcohol home delivery)

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alcohol home delivery amarkantak religious place liquor mafia mp news

alcohol home delivery amarkantak religious place liquor mafia mp news (फोटो सोर्स-AI)

alcohol home delivery: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित बड़े धार्मिक स्थल अमरकंटक (Amarkantak) में प्रतिबंध के बाद भी शराब का अवैध कारोबार बढ़ता जा रहा है। अमरकंटक नर्मद नदी का उद्गम स्थल है। यहां खास अवसरों को शराब माफिया (liquor mafia) कमाई का मौका समझते हुए पूरे इलाके को नशे के अड्डे में तब्दील कर रहे हैं। मोबाइल फोन पर शराब के रेट तय होते हैं बाइक से डिलीवरी दी जाती है। होम डिलीवरी की ऐसी व्यवस्था है जैसे ऑनलाइन खाने की सप्लाई की जाती है। (mp news)

पान ठेले और चाय की टापरी महुआ का अड्डा

सड़क किनारे पान ठेले, चाय की दुकानों और यहां तक कि कुछ किराना स्टोर भी महुआ और अंग्रेजी शराब की बिक्री का अड्‌डा बन गए हैं। सरकार ने भले ही प्रदेश के 17 तीर्थ स्थलों पर शराब की बिक्री पर सत प्रतिबंध लगा दिया हो पर अमरकंटक में इस आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हालत ये है कि नशे में लुढ़कते लोग घाट के पास पड़े दिख जाते हैं, शराब की बोतलें मंदिरों के इर्द-गिर्द बिखरी मिलती हैं और रात्रि काल में यात्री बसों के चालक-परिचालक खुद शराब पीकर माहौल को और दूषित कर देते हैं।

जानने के बाद अंजान बन रही पुलिस- आरोप

स्थानीय लोग साफ कह रहे हैं कि पुलिस सब जानती है मगर चुप है। समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आज अमरकंटक की यह स्थिति नहीं होती। तीर्थ, पर्यटन और तप की यह भूमि अब नशे में जकड़ती जा रही है। ऐसे में अमरकंटक की जनता ने अब आवाज़ उठानी शुरु कर दी है। वे मांग कर रहे हैं कि इस काले कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए हर उस दुकानदार, एजेंट और वर्दीधारी पर सत कार्रवाई हो जो इस पवित्र भूमि को अपवित्र करने में लंगे हैं।