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इस वर्ष अमृत सरोवर की योजना में 50 फीसदी जल संग्रह संरचनाओं के निर्माण की उम्मीद

अमृत सरोवर योजना में 100 जल संग्रहण संरचनाओं का होगा निर्माण, सिंचाई, सिंघाड़ा और मत्स्य पालन की योजना

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Amrit Sarovar plan expected to construct 50 percent water storage stru

इस वर्ष अमृत सरोवर की योजना में 50 फीसदी जल संग्रह संरचनाओं के निर्माण की उम्मीद

अनूपपुर। भविष्य में पानी की जरूरतों को पूरा करने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने अमृत सरोवर योजना पर किए जा रहे काम से इस वर्ष हितग्राहियों को इसका शत प्रतिशत लाभ नहीं मिल पाएगा। आजीविकोपार्जन के उद्देश्य से चिह्नित किए गए जल संग्रह संरचनाओं में प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ तकनीकि स्तर पर किए जा रहे कार्य की गति धीमी है। इसका मुख्य कारण एक जल संग्रह संरचना पर कम से कम ३-४ माह का समय लगना है। जिसके कारण वर्तमान में स्वीकृत हुई अमृत सरोवर योजना की १०० जल संग्रहण संरचनाओं में ७८ जल संरचनाओं की तकनीकि स्वीकृति मिले हैं। जिनमें प्रशासनिक स्वीकृति के आधार पर लगभग ५५ से अधिक जल संग्रह संरचनाओं पर काम जारी है।
विभागीय स्तर पर माना जा रहा है कि अमृत सरोवर शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। जिसमें योजनाओं के सही क्रियान्वयन के कारण इस वर्ष कम से कम ५० फीसदी जल संग्रह संरचनाओं को पूर्ण कर हितग्राहियों को उपलब्ध करा दिए जाएंगे, शेष काम प्रगति के साथ आगामी वर्ष पूरा कर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। बताया जाता है कि इसमें छोटी और बड़ी जल संरचनाएं हैं, जिसके लिए अलग अलग बजट का प्रावधान है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि अगर इन योजनाओं की स्वीकृति कुछ माह पूर्व हो जाती तो संभव होता कि जुलाई माह(मानसून के आगमन) के दौरान शत प्रतिशत जल संग्रह संरचनाओं को पूर्ण कर लिया जाता। दरअसल इस अमृत सरोवर योजना का मुख्य उद्देश्य जलसंरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर जीविकोपार्जन के लिए आधार तैयार करना है। इस योजना में १०० जल संग्रहण संरचनाओं को सवार आजीविका के नए द्वार खोलने की योजना बनाई गई है। जल अभिषेक अभियान के तहत बड़े स्वरूप की परिणाम संयोजित जल संग्रहण संरचना को अमृत सरोवरों तब्दील किया जाएगा। यह काम मार्च 2023 तक किया जाना प्रस्तावित किया गया है।
इनमें होगी सिंचाई के साथ मत्स्य पालन
इन संरचनाओं मे हुएं जल भंडारण क्षमता का उपयोग सिंचाई, मत्स्य पालन, सिंघाड़ा उत्पादन सहित अन्य आजीविका सम्बंधित कार्यो में किया जा सकेगा। जिपं सीइओ ने बताया कि अमृत सरोवरों का निर्माण मनरेगा योजना से किया जाएगा। लेकिन इसके निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री एवं मशीनों के उपयोग के लिए वित्तीय नियोजन के लिए अन्य शासकीय योजनाओं तथा वित्तीय स्त्रोत जैसे पीएम कृषि सिंचाई योजना, 15 वें वित्त आयोग की राषि, कॉरपोरेट सोशल रिस्पोंसबिलिटी (सीएसआर) सांसद, विधायक निधि सहित अन्य से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जनभागीदारी के लिए उन ग्रामीणों से योगदान भी लिया जा सकेगा, जो संरचना का निर्माण होने से जल भंडारण क्षमता का उपयोग स्वयंहित के लिए करेंगे।
बॉक्स: १० हजार घनमीटर जल का हो सकेगा भंडारण
अमृत सरोवर योजना को अधिक से अधिक जलभराव हो और उसका उपयोग अधिक समय तक किया जा सके इस आधार पर तैयार किया जा रहा है। अमृत सरोवर के विकल्प तालाब या चेकडेम या स्टॅाप डेम का निर्धारण और स्थल का चयन है। इसके निर्माण होने पर जल भंडारण क्षमता कम से कम 10 हजार घनमीटर या इससे अधिक होगी। साथ ही जल निकासी नाली की भी व्यवस्था बनाई जाएगी। इसका उपयोग सिंचाई, कृषि उत्पादन, मत्स्य पालन, सिंघाड़ा उत्पादन सहित अन्य जीविकोपार्जन के रूप में किया जा सकेगा। प्रत्येक कार्य के लिए अलग अलग जल उपयोगकर्ता समूहों का गठन होगा। इसमें समूहों के सदस्यों का अनुमोदन ग्राम सभा द्वारा किया जाएगा। इसमें महिलाओं को अधिक भागीदारी दी जाएगी।
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