अपना बाजार: कोरोना में प्रभावित कपड़ा व्यवसाय नई चुनौतियों के साथ पटरी पर लौटने को तैयार

कारोबार में आई तेजी, फिर से कोरोना का सता रहा भय, सुरक्षा उपाय बरतने ग्राहकों से कर रहे अपील

By: Rajan Kumar Gupta

Published: 14 Sep 2021, 11:28 AM IST

अनूपपुर। कोरोना महामारी में संक्रमण के खतरे और लॉकडाउन में बंद दुकानों से कपड़ा व्यवसाय अधिक प्रभावित हुई। बड़े व्यवसायी से लेकर छोटे दुकानदारों को कारोबार में घाटा हुआ। परिवार के भरण पोषण और कर्मचारियों के वेतन में वे हताश भी हुए। कई महीनों तक दुकानों पर ताले लटकते रहे, यहां तक कि अनलॉक में गुलजार होने वाले बाजार में कपड़ा दुकानों पर रौनक फीकी ही रही। लेकिन इसके बाद भी कारोबारियों ने धौर्य के साथ चुनौतियों का सामना किया और दुकान को फिर से बढ़ाने नई तैयारियों के साथ कारोबार की शुरूआत की। हालंाकि जून में अनलॉक हुए बाजार में कपड़ा दुकानों पर वीरानी ही पसरी रही, आर्थिक कारणों से मंद कपड़ा व्यवसाय फिर से रक्षा बंधन और गणेश चतुर्थी में तेजी के साथ बढऩे लगी। व्यापारियों को आशा है कि कोरोना संक्रमण सामान्य स्तर पर रही तो इसका असर बाजार पर नहीं पड़ेगा और दशहरा के दौरान कपड़ा व्यवसाय फिर से तेजी के साथ पटरी पर वापस लौटेगी। वहीं व्यापारियों में कोरोना की तीसरी लहर में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले को लेकर भय का माहौल बना हुआ है। व्यापारियों के अनुसार अगर कोरोना की तीसरी लहर फिर से हावी हुई और लॉकडाउन की स्थिति बनती है तो इससे व्यापारियों की कमर पूरी तरह टूट जाएगी। क्योंकि दशहरा, दीपावली, छठ और वैवाहिक सीजन के बाजार बंद रहेगा तो आगामी लंबे समय तक कोई अन्य पर्व व्यापारियों के कारोबार के लिए उपयुक्त नहीं मिल पाएगा और व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगी। कपड़ा व्यवसायी पुष्पेन्द्र कुमार गुप्ता बताते है कि कोरोना में पूरी तरह दुकान बंद रहे। व्यवसाय शून्य रही, बाजार में फंसे पैसे की भी पूरी तरह से वापसी नहीं हो सकी है। यहां तक हॉल सेलर भी बिना पैसे अधिक कर्ज में सामग्रियां उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। ऐसे में दुकान का किराया, बिजली बिल, टैक्स जारी रहे। इसमें व्यापारियों के पास आमदनी शून्य खर्चा रूपया के बराबर हिसाब बैठता है। ऐसे में शासन प्रशासन द्वारा राहत मिलती तो व्यवसाय को बढ़ावा देने में व्यापारी और मजबूती के साथ आगे आते। व्यवसायी विनय कुमार जैन बताते हैं कि डेढ साल के बाद बाजार के साथ साथ कपड़ा व्यवसाय में तेजी बन रही है। अगर कोरोना संक्रमण के हालात स्थित रहे तो दशहरा और दीपावली तक और तेजी आएगी। संक्रमण अधिक न फैले दुकान आने वाले ग्राहकों से मास्क, हैंडवॉस सहित अन्य सुरक्षा उपायों को अपनाने प्रेरित भी कर रहे हैं। विनय कुमार जैन का कहना है कि कोरोना कपड़ा व्यसासियों के लिए चुनौती से कम नहीं रही, आज भी ग्राहक दुकान आते हैं, लेकिन में कोरोना संक्रमण का भय अब भी देखा जा सकता है। वहीं युवा कपड़ा व्यवसायी सूर्यप्रकाश पटेल का कहना है कि व्यापार अब धीरे-धीरे पटरी की ओर वापस लौट रहा है, दुकानों में ग्राहक आ रहे हैं। रक्षाबंधन और हाल के तीजा व गणेश चतुर्थी में महिलाओं व युवतियों का भी रूझान खरीदारी की ओर गया है। वहीं बाजार में भी इस वर्ष तेजी की आस लगाई जा रही है। अगर सब कुछ बेहतर रहा तो बाजार में फिर से रौनक बनेगी। फिलहाल कपड़ा बाजार में लौट रही रौनक से व्यापारियों के चेहरे पर थोड़े से सुकुन की खुशियां छलक रही है, जिसमें आगामी दशहरा और दीपावली के दौरान और बेहतर स्वरूप में वापस लौटने की सम्भावनाएं जताई जा रही है।
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Rajan Kumar Gupta Desk
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