9 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1 करोड़ 37 लाख से अधिक की वित्तीय अनियमितता के मामले में किरगी ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ मामला दर्ज

1 करोड़ 37 लाख से अधिक की वित्तीय अनियमितता के मामले में किरगी ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ मामला दर्ज

2 min read
Google source verification
Case against Kirgi Gram Panchayat Secretary in case of financial irreg

1 करोड़ 37 लाख से अधिक की वित्तीय अनियमितता के मामले में किरगी ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ मामला दर्ज

संचालनालय ने किया पृथक सचिव को किया बहाल, प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ दर्ज कराए मामले
अनूपपुर। राजेन्द्रग्राम किरगी ग्राम पंचायत के सचिव फुलचंद सिंह मरावी के खिलाफ १ करोड़ ३७ लाख की वित्तीय अनियमितता के मामले में ८ जून को जिपं सीईओ द्वारा किए गए पद से पृथक करने तथा जप सीईओ द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के दिए निर्देश के तारतम्य में २ अगस्त को पंचायत राज संचालनालय मप्र द्वारा सचिव को पद पर बहाल किए जाने के जारी आदेश में अब सचिव के खिलाफ पुलिस ने धारा ४०९ और ४२० के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना आरम्भ कर दी है। जिसके उपरांत अब सचिव फुलचंद सिंह मरावी दो धुरों के बीच फंस गया। जहां एक ओर संचालनालय के आदेश तो दूसरी ओर अनियमितता के मामले दर्ज हो गए। बताया जाता है कि ग्राम पंचायत किरगी तत्कालीन सचिव फुलचंद सिंह मरावी को 1करोड़ 37 लाख २२ हजार 451 रूपए की शासकीय राशि आहरण कर वित्तीय अनियमितता किए जाने की पुष्टि होने पर ८ जून को जिपं सीईओ डॉ. सलोनी सिडाना ने पद से पृथक करते हुए जपं सीईओ राजेन्द्र त्रिपाठी को एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद २ अगस्त को राजेन्द्रग्राम थाने में सचिव फूलचंद मरावी के खिलाफ धारा ४०९, ४२० के तहत मामला पंजीबद्घ करते हुए जांच प्रारंभ कर दी गई है। जबकि पंचायत राज संचालनालय मप्र. के संचालक ने २ अगस्त को ही सचिव फूलचंद मरावी को अपने पदीय कर्तव्यो के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने के कारण दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का दंड देते हुए जिपं के आदेश को निरस्त करते हुए फूलचंद मरावी को सेवा में बहाल कर ग्राम पंचायत धीरूटोला पदस्थ का आदेश जारी किया था। राजेन्द्रग्राम थाना प्रभारी रामनाथ आर्मो ने बताया कि जप पुष्पराजग$ढ के खंड पंचायत अधिकारी जागृत सिंह द्वारा २६ जुलाई को सचिव फूलचंद मरावी के खिलाफ १ करोड़ ३७ लाख २२ हजार ४५१ रूपए की शासकीय राशि आहरण कर वित्तीय अनियमितता की ११ बिन्दुओं की शिकायत की थी। जिसमें पीसीसी स$डक निर्माण में १ लाख ८४ हजार ३०० रूपए, ४४ लोगो से ५३ लाख ९५ हजार ऊपर ही ऊपर अधूरे निर्मित दुकानों के आवंटित करते हुए प्राप्त राशि को पंचायत के खाते में जमा न कर नियम विरूद्घ स्वयं व्यय करना, २ अतिरिक्त कक्ष बिना कार्य पूर्ण कराए १ लाख ५० हजार की राशि सहित अन्य वित्तीय मामले शामिल हैं। पुलिस ने कुल १ करोड ३६ लाख ८५ हजार १३१ रूपए धोखाध$डी कर गबन की शिकायत पर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की है।