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बाल अधिकार: मानव अधिकारों का ही एक भाग हैं, सभी बच्चों को समान रूप से प्रदान किया जाना चाहिए

बाल अधिकार: मानव अधिकारों का ही एक भाग हैं, सभी बच्चों को समान रूप से प्रदान किया जाना चाहिए

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Child rights: are a part of human rights, all children must be provide

बाल अधिकार: मानव अधिकारों का ही एक भाग हैं, सभी बच्चों को समान रूप से प्रदान किया जाना चाहिए

निर्णय प्रक्रिया में बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता, आईजीएनटीयू और यूनीसेफ का पांच दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग और यूनीसेफ मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में पत्रकारों के लिए पांच दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार से प्रारंभ हुआ। इसमें मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के पांच दर्जन से अधिक पत्रकार भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने बच्चों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहभागी बनाने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि यूनीसेफ मध्यप्रदेश के प्रमुख माइकल जुमा ने समाज के विकास में बाल अधिकारों की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उनका कहना था कि बाल अधिकार, मानव अधिकारों का ही एक भाग हैं जो सभी बच्चों को समान रूप से प्रदान किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की निर्णय लेने की प्रक्रिया में सहभागिता सुनिश्चित करके उनके संपूर्ण विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है। कुलपति प्रो. टीवी कटटीमनी ने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे मीडिया इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करें। उनका कहना था कि मीडिया छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने आदिवासी समुदाय की प्रकृति को सहजने में प्रमुख भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मीडिया को आदिवासी समाज के सामने उत्पन्न हो रही चुनौतियों को समाज के सम्मुख प्रस्तुत करना चाहिए। आदिवासी बच्चों की तस्करी जैसे विषयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें देश और दुनिया के सामने प्रमुखता के साथ रखने की आवश्यकता है। इस मौके पर संकायाध्यक्ष प्रो. रविंद्रनाथ मनुकोंडा ने कार्यक्रम की जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों की मदद से बाल अधिकारों के बारे में पत्रकारों को जागरूक बनाने में काफी मदद मिलेगी। यूनिसेफ के संचार विशेषज्ञ अनिल गुलाटी ने कार्यक्रम के प्रमुख बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा कहा बच्चों को निरंतर संरक्षण और प्रोत्साहन की आवश्यकता है जिसमें मीडिया प्रमुख भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में डॉ. राघवेंद्र मिश्रा, डॉ. नागेंद्र कुमार सहित अन्य मौजूद रहे। इसमें आईआईएमसी दिल्ली की डॉ. सुरभि डहिया, जामिया मिलिया इस्लामिया के विश्वाजीत दास और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राधेश्याम शुक्ला सहित बड़ी संख्या में विशेषज्ञ तकनीकी सत्रों में पत्रकारों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।