अनूपपुर। जिला मलेरिया कार्यालय में शासन की बिना अनुमति और संशोधित आदेशों में विभिन्न १४ पदों पर किए गए भर्ती प्रकरण और हाल के दिनों में नियम विरूद्ध सीएचओ का स्थानांतरण और कोरोना महामारी में बिना सूचना पांच माह से अधिक समय तक अनुपस्थित रहने के मामले में स्वास्थ्य संचालनालय के अपर संचालक ने शिशु रोग विशेषज्ञ और सीएमएचओ अनूपपुर बीडी सोनवानी को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रशासकीय कार्य की सुविधा को देखते हुए पूर्व सीएमएचओ डॉ. एससी राय को फिर से सीएमएचओ की जिम्मेदारी सौंपी है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मप्र के अपर संचालक ने कलेक्टर से चाही गई जानकारी में २४ अगस्त को प्राप्त बिन्दूवार के आधार पर १७ सितम्बर को आदेश जारी किया है। आदेश पत्र के अनुसार बताया गया है कि दैनिक अखबार व सोशल मीडिया में प्रकाशित खबरों से संबंधित शिकायतों की जांच उपरांत करने पर पता चला कि सीएमएचओ डॉ. बीडी सोनवानी द्वारा एनएचएम गाईड लाइन के विपरीत सीएचओं के स्थानंातरण के लिए कलेक्टर एवं प्रभारी मंत्री के समक्ष भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। जिसमें सीएमएचओ तथा संबंधित स्थापना लिपिक को दोषी पाया गया है। जिस पर पद से पृथक करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने, मलेरिया विभाग के विभिन्न पदों में त्रुटिपूर्ण एवं अनियमित नियुक्ति की गई थी, जिसे कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर द्वारा 18 मार्च 2020 द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इस नियुक्ति के संबंध में जेडी रीवा द्वारा 26 फरवरी को सीएमएचओ सोनवानी, उप जिला माध्यम विस्तार अधिकारी केपी सिंह, मुख्य लिपिक चन्दू पाव के विरूद्ध अनुशासनात्क कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर संबंधित से प्रतिवाद उत्तर प्राप्त कर अभिमत के साथ संचालनालय को अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया था। इसके साथ ही कलेक्टर से मिली रिपोर्ट में डॉ. बीडी सोनवानी को बिना सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति प्राप्त किए 12 मार्च से 6 जुलाई तक अपने दायित्व से अनुपस्थित बताया गया। जबकि इस अवधि में कोविड 19 महामारी जैसी विषम परिस्थिति विकराल हो चुकी थी। इतने लंबे अवधि तक व्यक्तिगत स्वार्थहित की दृष्टि से अनुपस्थित रहते हुए किसी डॉक्टर द्वारा चिकित्सीय सहयोग न किया जाना अत्यंत असंवेदनशीलता का परिचायक रहा है। वहीं कलेक्टर ने अपनी रिपोर्ट में सीएमएचओ डॉ. सोनवानी को पद पर पदस्थी दौरान मलेरिया कार्यक्रम के अंतर्गत सवेंलेंस इंसपेक्टर के पद पर कुल 14 अनियमित नियुक्ति एवं एनएचएम की गाईड लाईन के विपरित सीएचओं के स्थानांतरण के लिए जिला कलेक्टर एवं प्रभारी मंत्री के समक्ष भ्रामक जानकारी/ प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने पर पदीय दायित्वों व कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही बरतना बताया गया जिसमें विभाग की छवि धूमिल किए जाने का प्रयास किया गया। जिस पर पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के परिणाम स्वरूप मप्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम 1,2,3 का उल्लंघन कर अनुशासनात्क कार्रवाई की गई है।[typography_font:18pt]बॉक्स: दवा खरीदी मामले में भी ईओडब्ल्यू की कार्रवाई[typography_font:18pt]सीएमएचओ पद पर रहते हुए वर्ष २०१९ में सीएमएचओ कार्यालय द्वारा ७ करोड़ की दवा और अन्य खरीदी मामले में ईओडब्ल्यू ने दस्तावेजों को जब्त कर जांच आरम्भ की है। इस प्रकरण में कार्यालय द्वारा जारी निविदा में छेड़छाड़ कर व्यक्तिगत रूप से विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाया गया था। जिसमें भोपाल में दर्ज शिकायत पर ईओडब्ल्यू द्वारा कार्रवाई की गई।[typography_font:18pt;" >---------------------------------------------