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कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस ने निकाली हल्ला बोल ट्रैक्टर रैली, सडक़ पर बैठ दिया धरना प्रदर्शन

राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, कानून वापस लेने की अपील

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Congress protests against agricultural law, chants Tractor rally, sit

कृषि कानून के विरोध में कांग्रेस ने निकाली हल्ला बोल ट्रैक्टर रैली, सडक़ पर बैठ दिया धरना प्रदर्शन

अनूपपुर। केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के लिए बनाए गए तीन कानून और दिल्ली की सीमाओं पर उसे वापस लेने की मांग में बैठे हजारों किसानों के समर्थन में १५ जनवरी को किसान कांग्रेस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा हल्ला बोल ट्रैक्टर रैली निकाली गई। रैली का नेतृत्व पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने किया। जिसमें सैकड़ों की तादाद में कांग्र्र्र्र्र्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे। दर्जनों ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों पर सवार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने चचाई-अनूपपुर मुख्य मार्ग के परसवार मोड़ से हल्ला बोल ट्रैक्टर रैली का आयोजन किया, जो अनूपपुर नगरीय क्षेत्र का भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने परिसर में प्रवेश की बजाय वापस घरना स्थल की ओर रवानगी भरी। ट्रैक्टरों पर तीनों किसान विरोधी कानून के वापस की नारेबाजी करते हुए घरना स्थल परसवार मोड़ पहुंचे, जहां देश के राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन लेने एसडीएम अनूपपुर कमलेश पुरी धरना स्थल पहुंचे थे। सौंपे गए ज्ञापन में विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने बताया कि मप्र कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला किसान कांग्रेस व कांग्रेस द्वारा यह हल्ला बोल रैली निकाली गई है तो सरकार के तीनों काले कानून के विरोध में और दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों के समर्थन में है। किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बनाया गया तीनों कानून अहितकारी है। इसमें सरकारी स्तर पर बनाए गए एमएसपी, मंडी और समर्थन मूल्य तीनों प्रभावित हो रहे हैं। हम कानून नहीं मानते हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा कमेटी बनाने पर विधायक ने कांग्रेस इसका सम्मान करती है। लेकिन यह कमेटी बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। जब पुराने कानून में ही किसान खुश है और नए से नाराज है तो सरकार तीनों कानून को वापस क्यों नहीं लेती। उन्होंने कहा जो कानून जनता के हित में नहीं है उसे काला कानून माना जाएगा।
बॉक्स: सडक़ पर बैठकर दिया धरना प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट कार्यालय से वापसी के बाद प्रदर्शनकारियों न सडक़ पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें दोनों दिशाओं की वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बताया जाता है कि प्रदर्शन के लिए जिले की सीमा क्षेत्र परसवार मोड़ स्थित ढाबा स्थल को चयनित किया गया था।
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