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डिप्टी कमिश्नर ने जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक को भेजा नोटिस, कमिश्नर के समक्ष उपस्थिति के दिए निर्देश

पत्रिका की खबर सजहा वेयरहाउस में 20 हजार क्विंटल गेहूं में लगे कीड़े , दुकानों में खपाने की तैयारी पर लिया संज्ञान

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Deputy commissioner sent notice to District Food Supply Controller, in

डिप्टी कमिश्नर ने जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक को भेजा नोटिस, कमिश्नर के समक्ष उपस्थिति के दिए निर्देश

अनूपपुर। जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर सजहा गांव में जेबीएस स्कीम के तहत बनी विंध्या इरेक्ट्स सजहा वेयरहाउस में सालभर पूर्व भंडारित 20 हजार क्विंटल गेहूं में कीड़ा लगकर खराब होने तथा उसे शासकीय राशन की दुकानों में खपाने के मामले में १९ जून को पत्रिका में प्रकाशित खबर के बाद कमिश्नर ने गम्भीरता दिखाते हुए संज्ञान लिया है। इतने अधिक मात्रा में गेहूं की खराबी पर नाराजगी जताते हुए अनूपपुर जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक को उपस्थित होने के निर्देश दिए है। डिप्टी कमिश्नर शहडोल दिलीप कुमार पांडेय ने पत्रिका खबर की कटिंग का हवाला देते हुए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल को २२ जून को कमिश्नर के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही खबर की कटिंग को नोटिस के साथ संलग्न कर प्रेषित किया है। उल्लेखनीय है कि पत्रिका ने सजहा वेयरहाउस में कीड़ायुक्त भंडारित २० हजार क्विंटल गेहूं तथा उसे वेयरहाउस द्वारा शासकीय राशन की दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों के थालियों में पहुंचाने के सम्बंध में १९ जून को खबर प्रकाशित किया था। जिसमें वेयरहाउस की लापरवाही और विभागीय अधिकारियों की अनदेखी में शासकीय दर से लगभग ४ करोड़ रूपए की २० हजार क्विंटल गेहूं के खराब होने की बात प्रकाशित की थी। साथ ही इसमें यह भी बताया गया था कि जनवरी-फरवरी २०२० के दौरान सजहा वेयर हाउस से ३७५४ क्विंटल चावल की खेप के बाद १५०० क्विंटल अमानक गेहूं को राजेन्द्रग्राम भेजा गया था। लेकिन बावजूद विभागीय अधिकारियों ने कभी भी वेयरहाउस परिसर में कदम रखते हुए वहां मप्र नागरिक आपूर्ति विभाग, नाफेड, और अन्य फार्माे द्वारा भंडारित खाद्यान्नों की वास्तविक जांच पड़ताल या रख-रखाव सम्बंधी कोई कार्रवाई नहीं की। जिसका परिणाम रहा है कि सतना से वर्ष २०१८-१९ के दौरान उपार्जित होकर भंडारण के लिए आई २० हजार क्विंटल गेहूं सालभर में कीड़ा लगकर खराब हो गई।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की चढ़ी भेंट खाद्यान्न:
नागरिक आपूर्ति प्रबंधक गेहूं की खराबी की जिम्मेदारी वेयरहाउस प्रबंधक और गोदाम मालिक को बता रहे हैं। जिसने रख-रखाव की अनदेखी करते हुए उसे सुरक्षित भंडारित नहीं कराया था। वेयरहाउस ने गेहूं भंडारण में तकनीकि स्टाफों की मदद नहीं ली थी। जिसके कारण बाहर से आने वाली गेहूं को सीधे भंडारित करवा दिया। वहीं गोदाम के स्टाफो ने खराब होने के पहला गीला और दूसरा अमानक गेहूं बताया है। उनका कहना है कि जब शहडोल से रैंक आती है तो उसे अमानक पाए जाने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा दवाब में भंडारित करना पड़ता है। जानकारों का मानना है कि गेहूं बेहद अमानक और घटिया स्तर की हो गई है। जिसके उपयोग से परिवारों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
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