
बदहाल सड़क दे रही हादसों को निमंत्रण
भालूमाड़ा। सड़क किसी भी शहर का आईना माना जाता है जिसकी बनावट से ही शहर के विकास की व सौन्दर्यीकरण की हकीकत बयां होती है। ऐसी की कुछ तस्वीरेंं जमुना कोतमा क्षेत्र के भालूमाड़ा नगर की है। जहां मुख्य सड़क से लेकर मुहल्लों तक में चलना नगरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सबसे अधिक दुर्दशा मुख्य मार्गों की है जहां हर एक कदम पर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढ़े बने हुए है। कुछ सड़कों पर नगरीय प्रशासन एवं कॉलरी प्रशासन द्वारा अन्य निर्माण कार्य कराएं गए, निर्माण तो हो गए, लेकिन गड्ढ़े बरकरार बने रह गए। ऐसा नहीं कि इनकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं। क्षेत्र में बनी अनेक सड़कें जो नगर पालिका पसान या फिर एसईसीएल कॉलरी प्रबंधन के क्षेत्राधिकार में आता है। जिनमें जमुना कोतमा मुख्य मार्ग, भालूमाड़ा आमाडांड, सहित अन्य स्थानीय सड़क है जो २५ वर्ष पुरानी मानी जाती है। वैसे तो यह सड़क पसान नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आता है लेकिन कॉलरी कॉलरी के होने के कारण इसका प्रबंधन कॉलरी द्वारा किया जाता है। जानकारों के अनुसार कॉलरी के कागजी आंकड़ों में इन सड़कों की मरम्मत में कोतमा कॉलरी का सिविल विभाग प्रतिवर्ष लाखों रुपए का खर्च करता है लेकिन हकीकत में सुधार नहीं होता है। भालूमाड़ा से कोतमा जानेवाले मुख्य मार्ग स्थित गेट दफाई के पास पूरी सड़क ही गायब है। बरसात के शुरू होते ही सड़क के गड्ढों में पानी तबालब भर जाता है। कुछ माह पूर्व ही कॉलरी ने पानी निकासी के लिए नाली बनवाई थी लेकिन बारिश का पानी नाली के बजाय सड़क पर ही बहता रहता है। जबकि नगर का व्यस्तम मार्ग व प्रसिद्ध हनुमान मंदिर होने के कारण प्रतिदिन मंदिर आनेवाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं चंद दूरी पर कदमटोला बस्ती की भी सड़क के धुर्रे उधर गई है। इसके अलावा पीली दफाई पुलिया का जीर्ण शीर्ष हो गया है। पुल पर सड़क नाम की कोई चीज नहीं है तथा वहां पानी हमेशा भरा रहता है, जो कभी भी बड़े हादसा का कारण बन सकता है। इस सम्बंध में स्थानीय लोगों द्वारा कॉलरी प्रबंधन सहित नगरपालिका को कई बार शिकायत कर चुके है लेकिन हर बार हां जल्दी बन जाएगा का जुमला दुहरा दिया जाता है। लोगों का कहना है कि सिविल लाईन शिवमंदिर चौराहा, कैम्प नम्बर तीन सड़क मार्ग,गेट दफाई स्टेडियम, होस्पिटल कॉलोनी, ईंटा दफाई, सहित अन्य मार्ग बदहाल बने हुए है।
इनका कहना है
इनमें अधिकांश सड़कें एसईसीएल के अधीनस्थ है, जिन्हें हम सुधार नहीं करवा सकते। कुछ सड़कें नगरीय क्षेत्र की है, जिसमें मरम्मत कराया जाएगा।
अजय श्रीवास्तव, सीएमओ पसान
Updated on:
29 Jun 2018 05:53 pm
Published on:
29 Jun 2018 05:53 pm
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