अनूपपुर। शहडोल सम्भाग में योजना के तहत होने वाले कार्यो के प्रति कमिश्नर राजीव शर्मा बहुत ही गम्भीर नजर दिख रहे हैं, जहां राजस्व मामले में अधिकारियों की लापरवाही में अतिक्रमण होने तथा अनूपपुर में ५ हजार से अधिक प्रकरणों के पेंडिंग होने पर नाराजगी जताई। वहीं अब सभी जपं कार्यालयों, स्कूल, भवनों और छात्रावास में कराए जाने वाले पौधों के रोपण भी अधिकारियों को आड़े हाथ लिया है। कमिश्नर ने कहा कि पौध रोपण में फर्जी आंकड़ें प्रस्तुत नही करें, बल्कि पौधों के जिंदा रहने की गारंटी दिखाएं। ऐसी स्थिति में ही पोध रोपण करें। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि शहडोल संभाग के सभी सीईओ कार्यालय स्वच्छ और सुंदर होना चाहिए। दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों के लिए अच्छी बैठक व्यवस्था और पेयजल आदि की व्यवस्था होना चाहिए तथा जनपद पंचायतों में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए। जनपद पंचायतों के कार्यो में पारदर्शिता और सुचिता होनी चाहिए। एमडीएम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि मध्याह्न भोजन योजना को और अधिक कारगर और पारदर्शी बनाएं। सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि आंगनबाडी केन्द्र अच्छे ढंग से चले, इसमें जपं सीइओ का बेहतर योगदान हो सकता है। आंगनबाडी केन्द्र में बच्चों को नाश्ता नही मिल रहा है और फर्जी बिलिंग की जा रही है। इसमें तत्काल रोक लगना चाहिए और आंगनबाडी केन्द्र के बच्चों को नाश्ता, माध्याह्न भोजन एवं संदर्भ सेवाएं मिलनी चाहिए। आंगनबाडी केन्द्र समय पर खुले। इसके लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जनपद पंचायत आंगनबाडी केन्द्रों की मॉनिटरिंग करें। वहीं कमिश्नर ने ग्राम सेवा अभियान के समीक्षा के दौरान जपं सीईओ अधिकारियों को अक्टूबर माह के बाद वृह्द स्तर पर जल संर्वधन और संरक्षण के कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा है कि शहडोल संभाग के ऐसे गांव जहां पेयजल का संकट है ऐसे गांवों में स्थित तालाबों के डाउन क्षेत्रों में कुओं का निर्माण प्राथमिकता के साथ कराएं तथा तालाबों का गहरीकरण भी कराएं। [typography_font:18pt;" >--------------------------------------------------